राजस्थान
एक घंटा पहले
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नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मंगलवार रात एक भयावह सड़क हादसे ने दो परिवारों को गहरा सदमा दे दिया। पादुकलां बायपास लिंक रोड के पास दो मोटरसाइकिलों के आमने-सामने टकरा जाने से मेवाड़ा के पूर्व सरपंच समेत दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों मोटरसाइकिलें तेज रफ्तार से आ रही थीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और सवार उछलकर सड़क पर काफी दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने कैंपर से पहुंचाया अस्पताल
आसपास के ग्रामीण घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गए और घायलों को बचाने में जुट गए। उनका आरोप है कि आपात स्थिति होने के बावजूद 108 एम्बुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके चलते उन्हें खुद कैंपर वाहन का इंतजाम कर घायल और मृतकों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
108 एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी आपात घड़ी में भी एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे घायलों को अस्पताल ले जाने में देरी हुई।
लोगों ने एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
क्षेत्र में शोक की लहर
मेवाड़ा के पूर्व सरपंच की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना की निष्पक्ष जांच, सड़क सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने और 108 एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की है।
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