बिहार
2 घंटे पहले
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बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो NEET परीक्षा का असली प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देकर छात्रों और उनके अभिभावकों से ठगी कर रहा था। इस सिलसिले में पुलिस ने चार और आरोपियों को दबोचा है। इससे पहले गिरोह के मुख्य सरगना मनीष झा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
टेलीग्राम पर बेचा जा रहा था फर्जी पेपर
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 2 मई को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बालूघाट इलाके के एक किराये के मकान में NEET परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर उसे टेलीग्राम के माध्यम से बेचा जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर छापेमारी की और मुख्य आरोपी मनीष झा को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया था।
गठित हुई विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण और एएसपी नगर-1 के नेतृत्व में बनी इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों तथा मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया।
पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे
जांच के दौरान पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र से हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से हर्ष कनोडिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि वे टेलीग्राम के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को NEET का असली प्रश्नपत्र मुहैया कराने का झांसा देते थे। इसके बदले ऑनलाइन रकम मंगवाई जाती थी और ठगी से मिली यह राशि मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाई जाती थी।
तीन और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल की जा रही है।
गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को ठगने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से अपील की कि किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने के दावों पर भरोसा न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
जांच अब भी जारी
पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो यह गिरोह बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों को अपना शिकार बना सकता था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
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