बिहार
एक घंटा पहले
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वर्दी और तस्करों के बीच गहरी मिलीभगत का भंडाफोड़
बिहार के मुंगेर में पशु तस्करी के एक ऐसे बड़े और चौंकाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली और ईमानदारी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां पुलिस का काम तस्करी को रोकना होता है, वहीं इस मामले में पुलिसकर्मी खुद तस्करों को सुरक्षा प्रदान करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। मुंगेर पुलिस ने नेशनल हाईवे 333बी पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान मवेशियों से खचाखच भरे एक ट्रक को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
ट्रक में मवेशियों की दर्दनाक स्थिति
इस छापेमारी के दौरान सामने आई तस्वीरें बेहद विचलित करने वाली थीं। ट्रक के अंदर 35 भैंसों को बहुत ही क्रूरता के साथ ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। लंबी दूरी और दम घुटने के कारण ट्रक के भीतर ही 4 भैंसों की मौत हो चुकी थी। मवेशियों के साथ हुई इस बर्बरता ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। ट्रक में मिले आरोपियों के पास पशुओं के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, जिससे उनकी तस्करी में संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
लाइनर की गिरफ्तारी से खुला पूरा राज
मामले का मुख्य मोड़ तब आया जब पुलिस ने एक कथित 'लाइनर' को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की बारीकी से फोरेंसिक जांच की, तो उसमें पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप मैसेज के चौंकाने वाले सबूत मिले। यह स्पष्ट हो गया कि मुंगेर के रास्ते तस्करी के ट्रकों को 'सेफ पास' दिलाने के लिए एक तय राशि का लेन-देन होता था। मुंगेर एसपी ने इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) समेत 4 पुलिसकर्मियों और 3 तस्करों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, अभी 5 से 6 अन्य पुलिस अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कैसे काम कर रहा था तस्करी का सिंडिकेट
जांच में पता चला है कि भागलपुर की ओर से मवेशियों से भरे ट्रक चलते थे, जो मुंगेर होते हुए अररिया तक जाते थे। तस्करी के इस पूरे खेल में शामिल लोग प्रति ट्रक 1000 से 1500 रुपये की अवैध वसूली करते थे, ताकि मुंगेर जिले की सीमा को बिना किसी बाधा या चेकिंग के पार किया जा सके। 6 अगस्त को मिली गुप्त सूचना के बाद मुफस्सिल थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। कृष्णा सेतु के पास चलाए गए सघन चेकिंग अभियान में ट्रक को एस्कॉर्ट कर रहे राकेश कुमार उर्फ घनश्याम को पुलिस ने पकड़ लिया, जिसके पास से एक मोबाइल, मोटरसाइकिल और 47,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
गिरफ्तार किए गए लोगों की सूची
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर जिन लोगों को जेल भेजा है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सहायक अवर निरीक्षक (ASI) अयोध्या कुमार, जो ट्रैफिक थाने में तैनात थे।
- चालक सिपाही विमलेश कुमार।
- गृह रक्षक सिपाही अभिलेश कुमार।
- मुफस्सिल थाने के गृह रक्षक सिपाही अरविन्द यादव।
- लाइनर, ट्रक ड्राइवर अमित कुमार और खलासी मोहम्मद जियाउल हक।
आगे की कानूनी कार्रवाई और एसपी का बयान
मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि मुफस्सिल थाना कांड संख्या 365/26 दर्ज किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि वर्दी के अंदर छुपे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जो भी पुलिस अधिकारी या कर्मी इस तस्करी में लिप्त पाए जाएंगे, उन पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उन्हें निलंबित किया जाएगा। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि इस पूरे नेक्सस की जड़ों तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल बड़े चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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