मध्य प्रदेश में जुलाई से लागू हो सकता है UCC, सीएम मोहन यादव ने दिए बड़े संकेत मध्य प्रदेश एक महीने पहले 43
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता का विधेयक पारित हो सकता है। यह सत्र 20 से 24 जुलाई तक चलेगा।

भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इशारा किया है कि राज्य में जुलाई के दौरान यूसीसी लागू किया जा सकता है। उनके मुताबिक 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले पाँच दिवसीय मानसून सत्र में सरकार यूसीसी विधेयक को पारित करा सकती है। मोहन यादव ने कहा कि सौभाग्य से विधानसभा सत्र के दौरान सरकार कॉमन सिविल कोड की ओर आगे बढ़ रही है और महाकाल की कृपा रही तो यह इसी सत्र में पारित हो जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर हुए एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार मानसून सत्र में कई आवश्यक और महत्वपूर्ण मुद्दे लेकर आ रही है, जिनमें यूसीसी भी एक है।

20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। पाँच दिन के इस सत्र में यूसीसी विधेयक के साथ-साथ वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा।

समिति ने तैयार की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यूसीसी की तैयारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में 6 सदस्यों की एक समिति गठित की गई थी। इस समिति ने अलग-अलग जिलों में जाकर सभी धर्मों के लोगों से उनकी राय जानी है। सरकार ने इसके लिए एक खास वेबसाइट भी शुरू की है, जिस पर आम नागरिक अपने सुझाव भेज सकते हैं। समिति की रिपोर्ट का संकलन पूरा होते ही सरकार जल्द से जल्द इसे कानूनी रूप देना चाहती है।

कांग्रेस ने जताया विरोध

वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुकेश नायक का आरोप है कि सरकार समानता के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि यूसीसी लागू होने से आदिवासी समाज की पहचान, उनकी परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में यूसीसी जनवरी 2025 में लागू हो चुका है। इसके तहत शादी और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य किया गया, बहुविवाह पर रोक लगाई गई तथा लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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