मोतिहारी ट्रांसफर-पोस्टिंग स्कैम: माफिया राजन जायसवाल एसटीएफ की रिमांड पर, बड़े खुलासों की उम्मीद बिहार 52 मिनट पहले 2
बिहार में ट्रांसफर और पोस्टिंग के धंधे को चलाने वाले माफिया राजन जायसवाल को एसटीएफ ने रिमांड पर लिया है। उस पर अधिकारियों से लाखों रुपये मांगने और रसूखदारों के साथ मिलीभगत का गंभीर आरोप है।

ट्रांसफर और पोस्टिंग के खेल में फंसा माफिया

बिहार के मोतिहारी में प्रशासनिक स्तर पर चल रहे ट्रांसफर और पोस्टिंग के अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना कहे जाने वाले राजन जायसवाल अब बिहार एसटीएफ के शिकंजे में है। पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच करने और इस रैकेट के पीछे छिपे बड़े नामों का पता लगाने के लिए आरोपी को रिमांड पर लिया है। राजन जायसवाल पर यह आरोप है कि उसने एक अनुमंडलीय पदाधिकारी अरुण पांडे से उनकी पसंदीदा जगह पर ट्रांसफर कराने के एवज में 25 लाख रुपये की भारी-भरकम मांग की थी।

वंदे भारत ट्रेन में हुई थी धरपकड़

बिहार एसटीएफ की एक विशेष टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर इस माफिया को दबोचने की योजना बनाई थी। राजन जायसवाल की गिरफ्तारी मोकामा स्टेशन के करीब से वंदे भारत ट्रेन के भीतर की गई। गिरफ्तारी के समय उसके पास मौजूद मोबाइल फोन जांच का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बना हुआ है। प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल के डेटा से यह साफ हो गया है कि राजन जायसवाल का यह नेटवर्क काफी गहरा है। पुलिस को उसके फोन से कई ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे पता चलता है कि वह लंबे समय से विभिन्न थाना प्रभारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण के खेल में सक्रिय रहा है।

सफेदपोशों से मिलीभगत का पर्दाफाश

जांच के दौरान एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है कि राजन जायसवाल खुद को सत्ता के गलियारों में रसूखदार साबित करने के लिए कई दिग्गज नेताओं और वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल करता था। इन तस्वीरों को दिखाकर वह अधिकारियों के मन में अपना डर और प्रभाव पैदा करता था ताकि वे आसानी से उसके जाल में फंस जाएं। एसटीएफ अब रिमांड के दौरान उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है। एजेंसी को पूरी उम्मीद है कि इस पूछताछ के जरिए प्रदेश के कई प्रभावशाली चेहरों और उन अधिकारियों के नामों से पर्दा उठेगा, जो इस अवैध ट्रांसफर-पोस्टिंग के सिंडिकेट को परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से मदद पहुंचा रहे थे। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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