नेपाल में भड़की हिंसा के बाद बिहार की सीमा पर हाई अलर्ट, कड़ी निगरानी में इंडो-नेपाल बॉर्डर बिहार एक घंटा पहले 4
नेपाल में फैली सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस संदिग्ध लोगों और वाहनों की बारीकी से जांच कर रही है।

सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त

पड़ोसी देश नेपाल के कई जिलों में हाल ही में भड़की सांप्रदायिक हिंसा का असर अब बिहार की सीमा पर भी साफ नजर आ रहा है। हालात को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा घेरा काफी मजबूत कर दिया गया है। बिहार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एसएसबी यानी सशस्त्र सीमा बल और बिहार पुलिस के जवान पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सीमा पार से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। बिना उचित पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि किए किसी को भी भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

रक्सौल और फुलकाहा पर विशेष चौकसी

प्रशासन ने सबसे अधिक सतर्कता पूर्वी चंपारण के रक्सौल और अररिया जिले के फुलकाहा बॉर्डर पर बरती है। रक्सौल स्थित मैत्री पुल पर एसएसबी के जवान वाहनों की सघन तलाशी ले रहे हैं और यात्रियों से पूछताछ कर रहे हैं। इसी तरह फुलकाहा सीमा पर भी सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। सीमा के हर छोटे-बड़े प्रवेश बिंदु पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। उल्लेखनीय है कि नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गोली लगने से दो युवकों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में तनाव फैल गया है।

फ्लैग मार्च और सर्च ऑपरेशन

सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। फुलकाहा एसएसबी बीओपी के प्रभारी और सहायक सेनानायक राणा कुमार के नेतृत्व में एसएसबी, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने व्यापक सर्च अभियान शुरू किया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सीमा पर संयुक्त गश्त भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, मानिकपुर बॉर्डर पर एसएसबी और पुलिस द्वारा संयुक्त फ्लैग मार्च निकालकर स्थानीय निवासियों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। सुरक्षा एजेंसियां पल-पल के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

कारोबार पर पड़ा बुरा असर

नेपाल में व्याप्त इस तनाव का सीधा असर सीमा पार होने वाले व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। सीमा से सटे इलाकों में सामान्य व्यापार काफी हद तक प्रभावित हुआ है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, रोजाना सीमा पार करने वाले आम लोगों को भी कड़ी सुरक्षा जांच के कारण काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक नेपाल में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सीमा पर यह सख्ती जारी रहेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप