बिहार में ड्रग्स तस्करों को बचाने का खेल, 12 लाख रुपये और सोने की चेन वसूली का सनसनीखेज आरोप बिहार 2 महीने पहले 77
पूर्वी चंपारण में ड्रग्स तस्करी के आरोपियों को छुड़ाने के नाम पर लाखों रुपये और गहने वसूलने का मामला सामने आया है। अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

मोतिहारी में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

बिहार के पूर्वी चंपारण से एक ऐसा मामला सामने आया है जो किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है। आरोप है कि ड्रग्स तस्करी के आरोप में पकड़े गए चार लोगों को बचाने के लिए पुलिस महकमे के भीतर ही 12 लाख रुपये और सोने की चेन की वसूली की गई। इस कथित सौदेबाजी की शिकायत जब डीजीपी कार्यालय तक पहुंची, तो प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। अब इस पूरे मामले की जांच की कमान आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने संभाल ली है।

गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई सौदेबाजी

घटना की शुरुआत तब हुई जब पटना से लौट रहे चार लोगों को ड्रग्स तस्करी के संदेह में पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया। इन लोगों की पहचान कृष्णा सहनी, सुभाष कुमार, और नेपाल के बारा जिले के निवासी दीपेश कुमारप्रज्ज्वल सहनी के रूप में हुई है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बजाय मामले को रफा-दफा करने के लिए 12 लाख रुपये और सोने की चेन की मांग की। दावा किया गया है कि यह लेन-देन शर्मा और जायसवाल नाम के दो बिचौलियों के माध्यम से किया गया था।

एसपी की नाराजगी के बाद दर्ज हुई एफआईआर

मामले में उस समय नया मोड़ आया जब यह जानकारी पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात तक पहुंची। एसपी ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। इसके बाद ही थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई और आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई।

डीजीपी तक पहुंची शिकायत और जांच के दायरे में पुलिसकर्मी

परिजन यहीं नहीं रुके, उन्होंने इस कथित वसूली की सीधी शिकायत डीजीपी से की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस की कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए मोटी रकम ली गई थी। अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) यह जांच कर रही है कि इस वसूली में कौन-कौन से वर्दीधारी अधिकारी और थानाध्यक्ष शामिल थे। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या वाकई में बिचौलियों के जरिए पुलिस विभाग की साख को दांव पर लगाया गया था। फिलहाल, इस रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें शामिल किन-किन लोगों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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