मुज्तबा खामेनेई के तेवर से बढ़ी डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी, परमाणु हथियार बनाने की हो सकती है ईरान की तैयारी विश्व एक महीने पहले 49
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई परमाणु हथियारों के विकास को लेकर अपने पिता से कहीं अधिक आक्रामक रुख अपना सकते हैं, जिससे अमेरिका की चिंता बढ़ गई है।

परमाणु हथियारों को लेकर बदली ईरान की नीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने एक नई और बड़ी चुनौती उभरकर सामने आई है। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की हालिया रिपोर्ट ने व्हाइट हाउस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खुफिया एजेंसियों के आकलन के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई परमाणु हथियार हासिल करने के प्रति बहुत अधिक उत्सुक हैं। यह रुख उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की कार्यशैली से बिल्कुल अलग है, जो परमाणु हथियारों के मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतते थे। अमेरिकी अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि मुज्तबा खामेनेई के लिए परमाणु बम विकसित करने के रास्ते पर आगे बढ़ने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। यह आकलन युद्ध से पहले जुटाई गई गोपनीय खुफिया जानकारी और इंटरसेप्ट की गई बातचीत पर आधारित है।

खुफिया रिपोर्ट का विश्लेषण

यह महत्वपूर्ण जानकारी मुज्तबा के सत्ता संभालने के बाद अचानक सामने नहीं आई है, बल्कि यह पहले से मौजूद डेटा और पुरानी खुफिया सूचनाओं का ही एक विस्तृत विश्लेषण है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां दशकों से ईरान के इस आधिकारिक दावे को संदिग्ध मानती आई हैं कि उनका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। दूसरी ओर, इज़राइल का लगातार यह आरोप रहा है कि तेहरान कई वर्षों से गुप्त रूप से परमाणु क्षमता विकसित करने में जुटा हुआ है।

सुरक्षित ठिकानों का जाल

'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियारों से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अपने हथियारों का दायरा बढ़ा दिया है। इज़राइली खुफिया विभाग का मानना है कि ईरान ने नतांज़ के निकट स्थित 'पिकएक्स माउंटेन' के भीतर जमीन के अत्यधिक गहरे हिस्सों में हजारों सेंट्रीफ्यूज को स्थानांतरित कर दिया है। पहाड़ के नीचे बने इस अभेद्य परिसर को किसी भी हवाई हमले से नष्ट करना लगभग असंभव है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन सेंट्रीफ्यूज को किस जगह से वहां पहुंचाया गया है।

परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम का स्टॉक

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के शुरू होने से पहले ईरान के पास 60% शुद्धता तक एनरिच किया हुआ 440 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम जमा हो चुका था। हथियारों में इस्तेमाल होने वाला यूरेनियम ग्रेड इसके बहुत करीब होता है। यदि ईरान इसे और अधिक एनरिच करने में सफल हो जाता है, तो यह कई परमाणु हथियारों के निर्माण के लिए पर्याप्त हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान को अभी भी 90% तक एनरिचमेंट, युद्ध के लायक वॉरहेड तैयार करने और सटीक डिलीवरी सिस्टम बनाने के लिए महीनों की कड़ी मेहनत करनी होगी। अमेरिकी और इज़राइली एजेंसियां अब इस प्रक्रिया के हर कदम पर अपनी पैनी नजर रखे हुए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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