राष्ट्रीय राजनीति
5 दिन पहले
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अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एक विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर से ₹4.26 करोड़ का सोना बरामद होने के बाद तस्करी के तौर-तरीके एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। यह मामला अकेला नहीं है। बीते समय में तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए एक से बढ़कर एक चौंकाने वाले ठिकाने तलाशे हैं।
घरेलू सामान बना तस्करी का जरिया
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर सामने आए मामलों में रोजमर्रा की चीजों को सोना छिपाने का माध्यम बनाया गया। कई बार मिक्सर ग्राइंडर की मोटर के भीतर करोड़ों का सोना भरकर ले जाने की कोशिश की गई, जिससे जांच में आसानी से इसका पता न चल सके।
सूटकेस और कपड़ों में छिपाव
तस्करों ने ट्रॉली सूटकेस की गुप्त आउटर लाइनिंग के भीतर सोना दबाकर रखा। इतना ही नहीं, कई मामलों में एयरपोर्ट स्टाफ की जैकेट की जेबों और कपड़ों के अंदर भी सोना छिपाया गया, ताकि सामान्य तलाशी में यह पकड़ में न आए।
टॉफी के रैपर तक पहुंची तरकीब
तस्करी की हद तब हो गई जब मस्कट से आए तस्करों ने एक्लेयर्स टॉफी के रैपर के भीतर केमिकल गोल्ड पेस्ट के रूप में सोना ले जाने की कोशिश की। यह तरीका दिखाता है कि तस्कर पकड़े जाने से बचने के लिए किस हद तक जा सकते हैं।
एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती
ऐसे मामले सुरक्षा एजेंसियों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। हर बार सामने आने वाला नया तरीका जांच एजेंसियों को अपनी निगरानी और तलाशी की प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए मजबूर कर रहा है।
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