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एक घंटा पहले
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साल 2026 के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन के महिला सिंगल्स का फाइनल मुकाबला छह जून को खेला गया, जहां रूस की 19 साल की मीरा एंड्रीवा का शानदार खेल देखने को मिला। खिताबी भिड़ंत में उन्होंने पोलैंड की खिलाड़ी चवालिनस्का को सीधे सेटों में शिकस्त देकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मुकाबले में दोनों सेटों के दौरान रूसी खिलाड़ी का दबदबा रहा और उनकी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई अवसर नहीं मिला। इस जीत के साथ मीरा एंड्रीवा अब फ्रेंच ओपन का महिला खिताब अपने नाम करने वाली टूर्नामेंट के इतिहास की दूसरी सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं।
मोनिका सेलेस के बाद दूसरी सबसे युवा चैंपियन
फ्रेंच ओपन के इतिहास में महिला सिंगल्स का सबसे कम उम्र में खिताब जीतने का रिकॉर्ड मोनिका सेलेस के नाम दर्ज है, जिन्होंने यह कारनामा 18 साल की उम्र में किया था। अब 19 साल की मीरा एंड्रीवा इस उपलब्धि को हासिल करने वाली दूसरी सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं।
फाइनल मुकाबले की बात करें तो मीरा एंड्रीवा और चवालिनस्का के बीच खेला गया पहला सेट रूसी खिलाड़ी ने 6-3 के अंतर से अपने नाम किया। इसके बाद सबकी निगाहें दूसरे सेट पर टिकी थीं, जहां उम्मीद की जा रही थी कि चवालिनस्का वापसी करते हुए मुकाबले को तीसरे सेट तक खींच ले जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मीरा एंड्रीवा ने दूसरा सेट 6-2 के अंतर से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया और इसके बाद वह काफी भावुक भी नजर आईं। मीरा एंड्रीवा फ्रेंच ओपन में साल 2005 के बाद जन्म लेने वाली पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह टाइटल जीता है।
मैड्रिड ओपन से बनाई थी पहचान
रूस की 19 वर्षीय मीरा एंड्रीवा ने अपनी पहचान मैड्रिड ओपन से बनाई थी। साल 2023 में वह डब्ल्यूटीए 1000 स्तर पर मुख्य ड्रॉ का मैच जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल हुई थीं। वहीं दूसरी ओर 24 साल की माजा चवालिनस्का ने फ्रेंच ओपन 2026 में क्वालीफायर के रूप में अपनी जगह बनाई थी। यदि वह यह खिताब जीत जातीं तो क्वालीफायर खिलाड़ी के तौर पर ट्रॉफी अपने नाम करने वाली पहली खिलाड़ी बन सकती थीं।
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