फरीदाबाद में महसूस हुआ 2.9 तीव्रता का भूकंप, आखिर क्यों सुनाई दी धमाके जैसी तेज आवाज? हरियाणा 51 मिनट पहले 3
हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार की शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 2.9 दर्ज की गई। स्थानीय निवासियों ने झटकों के साथ एक गड़गड़ाहट और धमाके जैसी आवाज सुनी, जिसके पीछे के वैज्ञानिक कारण अब स्पष्ट हो गए हैं।

फरीदाबाद में भूकंप के झटके

गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की शाम हरियाणा के फरीदाबाद जिले की धरती अचानक कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.9 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र अक्षांश 28.386° उत्तर और देशांतर 77.258° पूर्व पर स्थित था। राहत की बात यह रही कि यह एक हल्का भूकंप था, लेकिन स्थानीय निवासियों ने इसके दौरान तेज गड़गड़ाहट और किसी जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनने का दावा किया। यह घटना शाम 6:33 बजे (IST) पर हुई और इसका केंद्र जमीन से मात्र 5 किमी की गहराई पर स्थित था।

कम तीव्रता के बावजूद आवाज क्यों आई?

लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी कम तीव्रता के भूकंप में धमाके जैसी आवाज क्यों सुनाई दी। इस संबंध में यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) का स्पष्टीकरण काफी मददगार है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • जब भूकंप बहुत कम गहराई पर आता है, तो वह उच्च-आवृत्ति यानी हाई-फ्रीक्वेंसी वाले कंपन उत्पन्न करता है।
  • सतह के करीब होने के कारण, ये कंपन बहुत तेजी से सतह तक पहुंचते हैं और गड़गड़ाहट जैसी ध्वनियां पैदा करते हैं।
  • ये आवाजें अक्सर बादलों की गड़गड़ाहट, किसी दूर हो रही गोलीबारी या बड़े धमाकों से मेल खाती हैं।
  • भूकंप के मुख्य झटकों से पहले ये आवाजें सुनाई देने का कारण P-तरंगों का तेजी से चलना है, जो S-तरंगों की तुलना में पहले सतह तक पहुंच जाती हैं।
  • भूकंप का केंद्र सतह के जितना करीब होगा, कंपन की ऊर्जा उतनी ही अधिक बरकरार रहती है, जिससे आवाज स्पष्ट सुनाई देती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और गहराई का महत्व

बुलेटिन ऑफ द सिस्मोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अमेरिका में छपे एक अध्ययन के अनुसार, 2 से 3 की तीव्रता वाले भूकंप अपनी शुरुआती कंप्रेशनल तरंगों के जरिए ऐसी सुनाई देने वाली आवाजें उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं। यह घटना पूरी तरह से भूकंपीय तरंगों की फ्रीक्वेंसी, भूकंप के केंद्र से व्यक्ति की दूरी, और उस क्षेत्र की विशेष भूवैज्ञानिक स्थितियों पर निर्भर करती है। इसके विपरीत, यदि कोई भूकंप अधिक गहराई पर आता है, तो उसकी हाई-फ्रीक्वेंसी ऊर्जा रास्ते में ही कम हो जाती है। परिणामस्वरुप, गहरी सतहों से उत्पन्न भूकंपों में वैसी धमाके जैसी आवाजें सुनाई देने की संभावना बेहद कम हो जाती है। फरीदाबाद का यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह जमीन की ऊपरी सतह के काफी करीब था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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