174 लोगों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं? जानें उनकी बहादुरी और परिवार की पूरी कहानी भारत 5 घंटे पहले 2
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में सह-पायलट के हमले के बाद भी सूझबूझ दिखाकर 174 लोगों की जान सुरक्षित बचाने वाले मुंबई के पायलट स्मित मच्छार की हर तरफ चर्चा हो रही है।

आसमान में उड़ते विमान में मौत का तांडव मचने ही वाला था, लेकिन एक भारतीय कैप्टन देवदूत बनकर सामने आए और सैकड़ों जिंदगियां बचा लीं। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 (Boeing 737 MAX 8) में जब अचानक सह-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की, तो हड़कंप मच गया। करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा यह विमान अचानक तेजी से लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया। इस भयानक और जानलेवा स्थिति के बीच, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी सूझबूझ से विमान में सवार सभी 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।

कॉकपिट में खूनी संघर्ष और विमान को बचाने की जंग

यह खौफनाक घटना आसमान में तब घटी जब उड़ान के दौरान सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला बोल दिया। हमले के कारण विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे गिरने लगा, जिससे विमान में सवार यात्रियों के बीच हाईजैक होने की आशंका और दहशत फैल गई। गंभीर चोटें आने के बाद भी कैप्टन स्मित ने हौसला नहीं खोया। उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला और बाहर खड़े केबिन क्रू को मदद के लिए आवाज दी। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ डायवर्ट किया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

आखिर कौन हैं जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार?

विमान हादसे को टालकर नायक बने 39 वर्षीय स्मित मच्छार का जन्म और पालन-पोषण पूर्वी मुंबई के घाटकोपर ईस्ट के एक कारोबारी परिवार में हुआ था। उन्होंने एक साक्षात्कार में साझा किया था कि शुरुआत में उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया था, क्योंकि उनका इरादा अपने पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय को ही संभालने का था। हालांकि, बाद में उन्होंने विमान उड़ाने को अपना करियर चुना।

साल 2011 से उन्होंने स्पाइसजेट के साथ अपने उड़ान करियर की शुरुआत की और करीब 11 साल तक मुंबई से लगातार उड़ानें भरीं। अपनी बेहतरीन सेवाओं और योग्यता के बल पर वे नवंबर 2020 में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बन गए। इस पद पर रहते हुए वे दूसरे सह-पायलटों को प्रशिक्षित करने और उनकी उड़ानों का मूल्यांकन करने का काम करते थे। इसके बाद, जून 2022 में वे फ्लाईदुबई एयरलाइन से जुड़ गए और अपने पूरे परिवार के साथ दुबई में रहने लगे। साल 2025 के एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने पेशेवर रवैये के बारे में बात करते हुए कहा था कि जब वे अपनी यूनिफॉर्म पहनते हैं, तो उनके दिमाग में कोई फालतू बात नहीं होती, वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

गुजरात से जुड़ा है परिवार का नाता

कैप्टन स्मित मच्छार का परिवार मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला का रहने वाला है। हालांकि, स्मित के जन्म से पहले ही उनके पिता मुंबई के घाटकोपर में आकर बस गए थे। स्मित के पिता उपेंद्र मच्छार और उनकी माता का नाम गीता मच्छार है। उनका परिवार मुंबई के तिलक नगर स्थित स्वस्ति हाइट्स में रहता है। स्मित के पिता भी व्यवसाय से जुड़े हुए थे। स्मित के ससुर जयसुख जोगी भी मुंबई के घाटकोपर इलाके में ही रहते हैं।

स्मित मच्छार की पत्नी का नाम सोनल है और दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। उनकी एक 5 साल की बेटी है जिसका नाम जीवा है, और एक 2 साल का बेटा है जिसका नाम क्रिष है। संकट की इस भीषण घड़ी में स्मित ने जिस तरह से अपनी जान पर खेलकर 174 यात्रियों को जीवनदान दिया, उसने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप