मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में 27 दिनों से छात्रों का धरना जारी, दिसंबर में परीक्षाओं के कारण भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता हरियाणा एक घंटा पहले 5
हरियाणा के नूंह में स्थित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र बीते 27 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के साथ वार्ता विफल रहने से छात्रों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।

लगातार 27वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन

हरियाणा के नूंह जिले के पल्ला में स्थित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉलेज परिसर में छात्रों के धरने का आज 27वां दिन है। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। छात्रों का कहना है कि उनकी लगातार कोशिशों के बावजूद कॉलेज प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे परिसर में तनाव बढ़ता जा रहा है।

वार्ता बेनतीजा, छात्रों में गहरा आक्रोश

इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए मेवात विकास से जुड़े एक सामाजिक संगठन ने प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच 27 अक्टूबर को एक बैठक आयोजित करने का प्रयास किया था। हालांकि, यह प्रस्तावित बैठक आयोजित ही नहीं हो सकी। बैठक के रद्द होने से छात्रों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी है। छात्र रमीम खान ने मीडिया को बताया कि साल की शुरुआत से ही वे अपनी समस्याओं को लेकर लगातार बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल निराशा हाथ लगी है। पिछली मीटिंग में यह तय हुआ था कि 27 तारीख को निर्णय लिया जाएगा, लेकिन प्रशासक की ओर से कोई पहल नहीं की गई।

दिसंबर में परीक्षा, तैयारी का संकट

छात्रों के लिए सबसे बड़ी चिंता आगामी दिसंबर महीने में होने वाली परीक्षाएं हैं। धरने के कारण पढ़ाई बाधित होने से छात्र अब परीक्षा की तैयारी को लेकर काफी चिंतित हैं। डॉ. खालिद हुसैन का कहना है कि प्रशासन या सीईओ की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या ठोस आश्वासन नहीं मिला है। 27 और 28 अक्टूबर के लिए प्रस्तावित बैठक के कंफर्म न होने की वजह से छात्रों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। उन्होंने वक्फ बोर्ड प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी लंबित समस्याओं पर तुरंत चर्चा की जाए।

प्रशासन के आश्वासनों से मोहभंग

कॉलेज की छात्रा साजिदा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार पैदल मार्च करते हुए डीसी ऑफिस तक जा चुके हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछली बैठकों में कॉलेज प्रबंधन द्वारा जो सुझाव दिए गए थे, वे छात्रों को स्वीकार्य नहीं थे। सोमवार और मंगलवार को छात्र मीटिंग होने की उम्मीद में अपनी पढ़ाई छोड़ कर बैठे रहे, लेकिन वहां कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।

प्रबंधन पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप

छात्रों ने प्रशासक जाकिर हुसैन पर भी निशाना साधा है। उनका आरोप है कि एक तरफ तो वे मेवात डेवलपमेंट बोर्ड की बैठकों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के अधीन संचालित इस कॉलेज में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। छात्रों ने यह सवाल भी उठाया है कि उनकी मांगें आखिर इतनी कठिन क्यों हैं जिनका हल बोर्ड नहीं निकाल पा रहा है।

छात्रों ने वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका दावा है कि डेवलपमेंट कमेटी की 31वीं बैठक में नया महाविद्यालय बनाने के नाम पर 13.50 करोड़ रुपये का बिल पास किया गया, जबकि मौजूदा कॉलेज की हालत बदतर है। इसके अलावा, वर्ष 2017 में हॉस्टल निर्माण के लिए हरियाणा सरकार द्वारा स्वीकृत 10.50 करोड़ रुपये का उपयोग प्रमाण पत्र यानी यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट न होने पर छात्रों ने सवाल खड़े किए हैं कि उस धन का आखिर क्या हुआ।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप