मेहुल चोकसी की उलटी गिनती शुरू, बेल्जियम सरकार के समर्थन से भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 4
पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी अब जल्द ही भारत लाया जाएगा, क्योंकि बेल्जियम की सरकार ने उसके प्रत्यर्पण को लेकर भारत को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

मेहुल चोकसी पर शिकंजा

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करके देश से फरार हुए कारोबारी मेहुल चोकसी का बचना अब लगभग असंभव हो गया है। हाल ही में भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में विदेश मंत्रालय ने मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का मामला प्रमुखता से उठाया। इस बातचीत के दौरान बेल्जियम ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में भारत को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

कानूनी जाल में फंसा भगोड़ा

अप्रैल 2025 से बेल्जियम की जेल में बंद मेहुल चोकसी ने अपनी रिहाई और प्रत्यर्पण को रोकने के लिए कई कानूनी दांव-पेच अपनाए थे। उसने बेल्जियम की अदालतों में कई याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें भारत में उसे निष्पक्ष सुनवाई न मिलने और भारतीय जेलों की दयनीय स्थिति का हवाला दिया गया था। हालांकि, बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट ने उसकी इन सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया है। अब जांच एजेंसियां सीबीआई और ईडी उसे भारत लाने के लिए अंतिम औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी हैं।

भारत और बेल्जियम के बीच बनी सहमति

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट दे वेवर की मौजूदगी में हुई बैठक में यह साफ कर दिया गया कि आर्थिक अपराधों में शामिल भगोड़ों को पनाह नहीं दी जाएगी। बेल्जियम सरकार की ओर से मिले पूर्ण समर्थन ने भारत के कानूनी प्रयासों को बड़ी मजबूती दी है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने एक विशेष प्रेस वार्ता में पुष्टि की कि भारत के कड़े रुख और औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद ही बेल्जियम के अधिकारियों ने अप्रैल 2025 में चोकसी को गिरफ्तार किया था। तब से वह वहां की जेल में बंद है और भारत सरकार उसे वापस लाकर कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अदालती फैसलों से चोकसी को करारा झटका

मेहुल चोकसी ने बेल्जियम की जेल से बचने के लिए जो भावनात्मक कार्ड खेले थे, वे अदालत में टिक नहीं पाए। उसने दावा किया था कि उसका अपहरण किया गया था और उसे भारत में मानवाधिकार उल्लंघन का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन बेल्जियम की शीर्ष अदालत 'कोर्ट ऑफ कैसेशन' ने उसके इन दावों को बिना किसी ठोस आधार के खारिज कर दिया। अदालत ने अक्टूबर 2025 के एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील के फैसले पर मुहर लगाते हुए स्पष्ट किया कि मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप है।

भारत वापसी की तैयारी

बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद अब मेहुल चोकसी के भारत आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। भारतीय जांच एजेंसियों की टीम अब सभी जरूरी कानूनी दस्तावेजों और प्रत्यर्पण से संबंधित कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप दे रही है ताकि उसे जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। पीएनबी घोटाला मामले में लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी को भारत की एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला एक कड़ा संदेश देता है कि देश के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला कोई भी शख्स चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाए, अंततः कानून उसे ढूंढ ही लेगा और उसे अपने किए की सजा भुगतनी पड़ेगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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