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2 घंटे पहले
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विचारों
बसवराज रायारेड्डी का विवादित बयान
कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायारेड्डी ने इस्लाम धर्म को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की है, जिससे राज्य की राजनीति में नया विवाद पैदा हो गया है। मंत्री ने सार्वजनिक मंच से इस्लाम को सभी धर्मों से श्रेष्ठ करार दे दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे आम तौर पर मठों और धार्मिक संस्थानों में जाने से परहेज करते हैं और उन्हें वहां जाना पसंद नहीं है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए यह भी इच्छा जताई कि वे हज यात्रा पर जाना चाहते हैं। मंत्री के इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और भाजपा समेत कई हिन्दू संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया और इस्तीफे की मांग
मंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मांग की है कि मंत्री को अपने इस बयान के लिए अन्य सभी धर्मों के अनुयायियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को सीधे चुनौती देते हुए कहा है कि यदि मंत्री माफी नहीं मांगते हैं, तो मुख्यमंत्री को तुरंत उनका इस्तीफा ले लेना चाहिए।
कोप्पल में आयोजित कार्यक्रम में कही बात
यह पूरा मामला कोप्पल जिले के कुकानूर का है। वहां पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर मुस्लिम समुदाय की ओर से एक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इस्लाम एक महान धर्म है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लाम को लेकर समाज में कई तरह की गलतफहमियां फैलाई गई हैं। उन्होंने खुद कुरान का गहराई से अध्ययन करने की इच्छा जताई और कहा कि हमें सभी धर्मों के इतिहास और उनके मूल्यों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी मक्का जाकर हज करने की तीव्र इच्छा है, लेकिन धार्मिक नियमों के कारण अभी तक उन्हें यह अवसर नहीं मिल पाया है।
धर्म पर मंत्री के अपने विचार
मंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा कि इस्लाम में शामिल होने के लिए धर्म परिवर्तन अनिवार्य है, जो एक बाधा है। उनके अनुसार, कुरान केवल मुसलमानों के लिए नहीं है, बल्कि कोई भी इसका अध्ययन कर सकता है। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का उल्लेख करते हुए इसे पूरी दुनिया के लिए एक संदेश बताया। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम एक वैज्ञानिक धर्म है जो इंसान को सही जीवन जीने की राह दिखाता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी को भी कट्टरपंथी नहीं बनना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ मस्जिद जाकर अल्लाह-हु-अकबर कहने से धर्म का पालन पूरा नहीं होता, बल्कि सभी धर्मों के अच्छे सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि ऐसी ही परंपराएं मंदिरों में भी निभाई जाती हैं और हर धर्म में अच्छाइयां मौजूद हैं।
मंत्री की सफाई और मीडिया पर सवाल
विवाद बढ़ता देख मंत्री बसवराज रायारेड्डी ने तुरंत सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्री का कहना था कि उन्होंने कभी किसी दूसरे धर्म को नीचा नहीं दिखाया। उन्होंने तर्क दिया कि यह कहना गलत नहीं है कि इस्लाम एक महान धर्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी धर्मों को समान रूप से महान मानते हैं और मीडिया को किसी भी बयान को संदर्भ से काटकर नहीं दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके लिए हर धर्म सराहनीय है और वे लगातार दुनिया भर के विभिन्न धर्मों का अध्ययन करते रहते हैं, जिसके लिए वे कई देशों की यात्राएं भी करते हैं।
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