उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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गोलीकांड में दीपक की मौत से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बदनौली गांव में शुक्रवार के दिन हुए एक विवाद और गोलीबारी की घटना में घायल हुए दीपक ने दम तोड़ दिया है। रविवार को मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दीपक की मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, तो वे तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शव को गांव ले जाने की तैयारी की जा रही थी, तब पुलिस और ग्रामीणों के बीच जबरदस्त तनाव पैदा हो गया। इस विवाद के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लंबा जाम लग गया।
पुलिस के साथ ग्रामीणों का टकराव
विवाद की मुख्य वजह रूट को लेकर थी। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की मांग थी कि दीपक का शव हापुड़ के आंबेडकर चौक ले जाया जाए, जबकि पुलिस अधिकारी सुरक्षा कारणों और शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए शव को सीधे बदनौली गांव ले जाने पर अड़े रहे। पुलिस द्वारा शव ले जाने का मार्ग बदलने की कोशिश किए जाने पर ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया।
मेरठ-बिजली बंबा बाईपास पर लगा जाम
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मेरठ में बिजली बंबा बाईपास को जाम कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और वहां भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। काफी देर तक पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही और इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा।
पुलिस के सामने दी आत्महत्या की चेतावनी
सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में एक ग्रामीण पुलिसकर्मियों के सामने ही खुदकुशी करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग पुलिसकर्मियों के पैर छूकर अपनी बात मनवाने का प्रयास करते भी नजर आए। इस बीच एक पुलिस अधिकारी लोगों को शांत रहने और हंगामा खत्म करने की अपील करते हुए देखे गए।
अंततः दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गांव पहुंचा शव
काफी मशक्कत और हंगामे के बाद, पुलिस ने स्थिति को संभालने में सफलता पाई। परिजनों को समझा-बुझाकर पुलिस ने शव को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते सुरक्षित बदनौली गांव रवाना किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस बल साथ मौजूद रहा।
गांव में पसरा तनाव
फिलहाल, बदनौली गांव में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। शुक्रवार को हुई गोलीबारी की घटना और उसके बाद दीपक की मृत्यु के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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