मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू, चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती भारत एक घंटा पहले 2
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। नटराजन ने रिटर्निंग अधिकारी और चुनाव आयोग के फैसले को गलत और पक्षपातपूर्ण बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की है।

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को राहत मिलेगी या नहीं, इसका फैसला आज हो सकता है, क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रख रहे हैं। सिंघवी ने अदालत में कहा कि यह एक निजी शिकायत है, जिस पर अब तक संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि आरपी एक्ट के तहत कम से कम आरोप तय होने जरूरी हैं, लेकिन इस प्रकरण में ऐसा कुछ नहीं हुआ। कानून स्पष्ट है कि जब तक आरोप तय न हों, तब तक नामांकन पत्र में किसी घोषणा की बाध्यता नहीं रहती।

उल्लेखनीय है कि नटराजन ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को गलत, पक्षपातपूर्ण और कानून के खिलाफ बताते हुए शीर्ष अदालत से उसे तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक बड़े कानूनी विवाद में फंसने के बाद रद्द हो गया। जानकारी छिपाने के आरोप में उनका नामांकन निरस्त किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी।

नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 जून थी, ऐसे में चुनाव आयोग ने बीजेपी के तीनों राज्यसभा उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया। अदालती दस्तावेजों से सामने आई घटनाक्रम की टाइमलाइन ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है। नटराजन का नामांकन रद्द होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उनके पर्चे के खारिज होने के कारण बीजेपी के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हो गए।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा

कांग्रेस पार्टी की मांग थी कि तीनों उम्मीदवारों को तत्काल विजयी घोषित न किया जाए। पार्टी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट से तुरंत सुनवाई की अपील की थी, लेकिन अदालत ने इसके बजाय आज की तारीख तय की। दूसरी ओर, कांग्रेस अब इस मुद्दे को सड़क तक ले जाने की तैयारी में है। पार्टी ने आज राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है और मध्य प्रदेश के अपने विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन तक मार्च कर सकती है।

मीनाक्षी नटराजन ने क्या कहा

इस पूरे प्रकरण पर मीनाक्षी नटराजन ने आज कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे इस कानूनी पहलू पर विस्तार से बात नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, ''मुझ पर फॉर्म 26 में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है, जबकि कोई जानकारी नहीं छिपाई गई।''

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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