मऊ: दिव्यांग तांत्रिक की नृशंस हत्या का खुलासा, दामाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 70
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हुए खौफनाक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद के चलते दामाद ने अपने ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मामले की जड़ और घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक दिव्यांग तांत्रिक की हत्या के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अब पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझा ली है और हत्या के आरोप में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक का दामाद और उसका नाती भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह पूरी वारदात अंधविश्वास और परिवार में चल रहे लंबे विवाद का नतीजा है। मृतक की पहचान सुभाष के तौर पर हुई है, जिसका शव बीते मंगलवार को घोसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक हाईवे पुल के नीचे पाया गया था। बाद में पुलिस की गहन तलाशी के दौरान झाड़ियों से उनका कटा हुआ सिर भी बरामद कर लिया गया।

गोरखपुर में बसे थे तांत्रिक सुभाष

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने मीडिया के सामने घटना का विवरण देते हुए बताया कि सुभाष मूल रूप से मोहम्मदाबाद गोहना के सड्डोपुर का निवासी थे, लेकिन पिछले काफी समय से वे गोरखपुर में रह रहे थे। वहां रहकर वे लोगों की समस्याओं को दूर करने के नाम पर तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का काम किया करते थे। इस मामले में मुख्य आरोपी भरत है, जो घोसी क्षेत्र के मिर्जा जमालपुर गांव का रहने वाला है और मृतक का दामाद है। भरत ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि किस तरह से परिवार में हालात बिगड़ते चले गए।

अंधविश्वास बना मौत का कारण

आरोपी भरत ने पुलिस को जानकारी दी कि कुछ समय पहले उसकी मां गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। उस वक्त सुभाष ने अपनी शक्तियों का दावा करते हुए कहा कि वे उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय तंत्र-मंत्र से पूरी तरह ठीक कर देंगे। हालांकि, तंत्र-मंत्र के दावों के बावजूद भरत की मां की मौत हो गई। इसके बाद, भरत की पत्नी को भी लगातार सिरदर्द की समस्या होने लगी। तब भी सुभाष ने चिकित्सा सहायता लेने के बजाय झाड़-फूंक और धार्मिक अनुष्ठानों पर ही जोर दिया, जिसके चलते अंततः भरत की पत्नी की भी जान चली गई।

परिवार के विनाश की धमकी

भरत ने पुलिस को यह भी बताया कि जब उसने अपनी पत्नी और मां की मौत के बाद सुभाष से सवाल-जवाब किए, तो तांत्रिक ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। सुभाष ने साफ कहा कि यदि भरत ने उसके कार्यों का विरोध किया, तो वह अपने तंत्र-मंत्र से उसके पूरे परिवार का विनाश कर देगा। इस धमकी के बाद आरोपी भरत बुरी तरह डर गया और उसे लगा कि उसका ससुर वास्तव में उसके परिवार के लिए खतरा बन चुका है।

साजिश और खौफनाक अंजाम

डर और प्रतिशोध की भावना से ग्रसित होकर भरत ने सुभाष को खत्म करने की योजना बनाई। उसने अपने बेटे और दो अन्य रिश्तेदारों को साथ लिया और सुभाष को गोरखपुर से वापस बुलाया। योजना के अनुसार, आरोपियों ने पहले उन्हें खूब शराब पिलाई और फिर एक सुनसान जगह ले जाकर धारदार हथियार से उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। अपनी पहचान छुपाने के लिए उन्होंने धड़ को हाईवे के नीचे पुल के पास फेंक दिया और सिर को कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपा दिया था।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस इनपुट और आरोपियों से की गई सख्ती से पूछताछ के बाद हुआ। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना से जुड़े अन्य जरूरी सामान पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें अदालत के समक्ष पेश करते हुए जेल भेज दिया गया है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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