मणिपुर के तामेंगलोंग में उग्रवादियों का तांडव, अंधाधुंध गोलीबारी में महिला की मौत, पति और बेटा जख्मी
भारत
एक घंटा पहले
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मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली के दावों के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। राज्य के तामेंगलोंग जिले में रविवार तड़के संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस अचानक हुए कायरतापूर्ण हमले में एक बेकसूर महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका पति और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
सुबह तड़के हुआ हमला और नुकसान
स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वारदात रविवार की सुबह करीब 4:00 बजे की है। हमलावरों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के पास स्थित टॉलेन कुकी गांव को अपना निशाना बनाया। आपको बता दें कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग इंफाल को जिरीबाम से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। तड़के जब गांव के लोग सो रहे थे, तभी हथियारबंद संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक चारों तरफ से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घर के भीतर तोड़ा दम, परिवार के दो सदस्य घायल
इस अचानक हुए हमले में गोलीबारी की चपेट में आने से ल्हिंगनगाई नामक महिला की मौत उनके अपने ही घर के भीतर हो गई। वहीं, उनके पति और बेटे को भी गोलियां लगी हैं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबल तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षाबलों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई, जहां उनका इलाज चल रहा है।
कड़ी निंदा और निष्पक्ष जांच की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद कैमाई ग्राम प्राधिकरण ने उग्रवादियों के इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्राधिकरण ने अपने बयान में कहा कि यह हमला "अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी वैमनस्य, नफरत और विभाजन पैदा करने का एक जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण प्रयास" है। इसके साथ ही ग्राम प्राधिकरण ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाए। उन्होंने दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा करने की अपील की है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश जारी है।
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