हिमाचल प्रदेश
3 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थानीय राजनीति की एक बड़ी हलचल देखने को मिली है, जहां जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहरा दिया है। इस चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए दोनों ही महत्वपूर्ण कुर्सियों पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया है। मंडी के खिलड़ा वार्ड से जीत दर्ज करने वाले अमरू राम को इस बार सर्वसम्मति से मंडी जिला परिषद का नया अध्यक्ष चुना गया है। गौरतलब है कि इस बार जिला परिषद अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। वहीं दूसरी तरफ, थाची वार्ड से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बोदी देवी को सर्वसम्मति से जिला परिषद का उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। बोदी देवी ने अपने वार्ड से लगभग 10,000 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।
इस नई जिम्मेदारी को संभालने के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरू राम और नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष बोदी देवी ने अपनी इस ताजपोशी के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और जिला परिषद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। दोनों ही नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जिले के सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास करेंगे और सभी सदस्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
चुनाव के आंकड़ों और गणित पर एक नजर
मंडी सदर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा ने इस चुनावी सफलता के बाद प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के आंकड़ों को मीडिया के सामने साझा करते हुए बताया कि मंडी जिला परिषद के कुल 36 सदस्यों में से भाजपा के 25 अधिकृत सदस्य चुनाव जीतकर आए थे। इसके अलावा, भाजपा की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए 4 अन्य सदस्यों ने भी पार्टी के प्रत्याशियों को अपना खुला समर्थन दे दिया।
विधायक अनिल शर्मा ने संगठन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जिन भी कार्यकर्ताओं को भाजपा ने अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया था, उन्हें विजयी बनाने के लिए पार्टी संगठन ने दिन-रात कड़ी मेहनत की। उन्होंने आगे कहा कि आज अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर मिली यह शानदार सफलता सभी कार्यकर्ताओं की एकजुटता का परिणाम है। अनिल शर्मा का मानना है कि अब पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण से मंडी जिला में विकास कार्यों को एक नई गति और दिशा मिलेगी।
जयराम ठाकुर ने सेरी मंच से बोला सुक्खू सरकार पर हमला
मंडी जिला परिषद के चुनावों में जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर के ऐतिहासिक सेरी मंच पर एक भव्य विजय उत्सव का आयोजन किया। इस दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत और नगर निकायों के चुनावों के जो परिणाम सामने आए हैं, उसने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के पैरों के नीचे से जमीन खिसका दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन चुनावों से प्रदेश की जनता ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वे वर्तमान सरकार की जनविरोधी नीतियों और कामकाज से बेहद नाखुश हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस सरकार का इससे भी बुरा हश्र होने वाला है और भाजपा राज्य में एकतरफा बहुमत के साथ वापसी करेगी। जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा रचे जा रहे साजिशों और षडयंत्रों के दिन अब ज्यादा समय तक चलने वाले नहीं हैं।
आपदा राहत राशि वापस लेने और दबाव की राजनीति का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मंडी जिले के साथ सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंडी जिले ने हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान सबसे अधिक नुकसान झेला था, लेकिन राज्य सरकार ने इस आपदा की घड़ी में मदद करने के बजाय, मंडी जिला को आपदा राहत के रूप में दी गई वित्तीय राशि को भी वापस छीन लिया। जनता इस तरह के फैसलों को कभी नहीं भूलेगी और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों पर सरकार की ओर से अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज और नगर निकायों के चुनावों में विफलता मिलने के बाद अब कांग्रेस सरकार प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। सरकार नियमों को रातों-रात बदलकर और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकाकर इन महत्वपूर्ण कुर्सियों पर अवैध रूप से कब्जा जमाने की कोशिशें कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ऐसी कोई भी साजिश सफल नहीं होगी क्योंकि जनता और भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।
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