मंडी: एक महीने के खौफ का अंत, 67 मवेशियों का शिकार करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद हिमाचल प्रदेश 2 घंटे पहले 4
हिमाचल प्रदेश के मंडी में पिछले एक महीने से रेहड़धार क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ वन विभाग के जाल में फंस गया है। विभाग ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी निगरानी के बाद उसे धर दबोचा।

रेहड़धार क्षेत्र को मिली राहत

हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर से सटे रेहड़धार इलाके में पिछले एक महीने से जारी तेंदुए का आतंक आखिरकार समाप्त हो गया है। वन विभाग ने काफी प्रयासों के बाद इस खूंखार तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह तेंदुआ न केवल मवेशियों के लिए काल बना हुआ था, बल्कि स्थानीय निवासियों के बीच भी भारी दहशत का माहौल था। शुक्रवार की सुबह जब वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया, तो तेंदुआ पिंजरे के भीतर कैद मिला।

लगातार शिकार से था इलाके में खौफ

आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तेंदुए ने पूरे क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। इस दौरान उसने कुल 67 भेड़, 1 बकरी और 1 कुत्ते को अपना निवाला बनाया था। जानवरों के इस तरह लगातार शिकार होने से ग्रामीण भयभीत थे और अपने मवेशियों को लेकर चिंतित रहते थे। वन विभाग को इसे पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

ट्रैकिंग और आधुनिक तकनीक का उपयोग

डीसीएफ मंडी संजीव शर्मा के विशेष दिशा-निर्देशों पर इस मिशन को अंजाम दिया गया। रेंज ऑफिसर मंडी अजय चंदेल के देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसका नेतृत्व डिप्टी रेंजर चिंता देवी कर रही थीं। इस ऑपरेशन में फॉरेस्ट गार्ड हेम राज, जीवन सिंह, नीलमा देवी, पूजा ठाकुर के अलावा अन्य वन कर्मी और वन मित्र शामिल रहे। स्थानीय लोगों ने भी इस पूरे अभियान में वन विभाग को अपना पूर्ण सहयोग दिया। तेंदुए की हरकतों पर नजर रखने के लिए विभाग ने 2 पिंजरे और 4 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। तकनीकी निगरानी के जरिए यह पता चला कि तेंदुआ मुख्य रूप से त्रहु नाला के आसपास काफी सक्रिय था।

पिंजरे में शिकार रखकर बिछाया जाल

वन विभाग ने तेंदुए को फांसने के लिए एक सटीक योजना बनाई। ट्रैकिंग के आधार पर दो अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए गए। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरों के अंदर 2 भेड़ को रखा गया था, जो अंततः तेंदुए को फंसाने में कारगर साबित हुए। शुक्रवार की सुबह जैसे ही ग्रामीणों और वन कर्मियों को पिंजरे के अंदर तेंदुए के कैद होने की पुष्टि हुई, इलाके में राहत की लहर दौड़ गई।

मेडिकल जांच के लिए भेजा गया तेंदुआ

डीसीएफ मंडी संजीव शर्मा ने आधिकारिक तौर पर इस सफलता की पुष्टि की। पकड़े गए तेंदुए को स्वास्थ्य जांच और आगामी कार्रवाई के लिए कांगू भेज दिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग भविष्य की रणनीति तय करेगा। इस कार्यवाही से स्थानीय लोगों ने काफी राहत महसूस की है और वन विभाग के त्वरित प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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