हिमाचल प्रदेश: घर बैठे फर्जी चेकिंग रिपोर्ट तैयार करवा रहे एचआरटीसी इंस्पेक्टर, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप हिमाचल प्रदेश 53 मिनट पहले 1
हिमाचल पथ परिवहन निगम के मंडी डिवीजन में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक इंस्पेक्टर पर कंडक्टर से घर बैठे फर्जी चेकिंग रिपोर्ट भरवाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।

मामले का खुलासा

हिमाचल प्रदेश के मंडी डिवीजन में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें विभाग की पोल खुल गई है। आरोप है कि एक इंस्पेक्टर ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने के बजाय घर बैठे ही एक परिचालक से फर्जी चेकिंग रिपोर्ट तैयार करवाई है। यह मामला धर्मशाला-कुल्लू रूट से जुड़ा है, जहां तैनात परिचालक पर यह दबाव बनाया गया कि वह बिना असल चेकिंग के ही रिपोर्ट भर दे।

वायरल वीडियो और आरोप

वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि इंस्पेक्टर फोन पर परिचालक को निर्देश दे रहा है। इसमें वह बिना किसी भौतिक चेकिंग के ही बजौरा स्टेशन के नाम पर फर्जी रिपोर्ट भरने के लिए कह रहा है। इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर अगले दिन वे-बिल पर हस्ताक्षर करवाने की बात भी करता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित इंस्पेक्टर जिला कुल्लू का रहने वाला है। इस पूरी घटना ने विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया है, जिससे निगम की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।

जांच का आश्वासन

इस पूरे मामले को लेकर जब एचआरटीसी के मंडी डिवीजन प्रबंधक (DM) उत्तम सिंह से जानकारी ली गई, तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि उन्हें वायरल वीडियो के बारे में पता चला है। उत्तम सिंह ने आश्वासन दिया है कि इस वीडियो की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच के दौरान संबंधित इंस्पेक्टर दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी सुंदरनगर में इसी तरह के एक फर्जी चेकिंग मामले में एक इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया था, बावजूद इसके ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

सिस्टम की सुरक्षा पर खतरा

नियमों के अनुसार, टिकट जांच करने वाले इंस्पेक्टरों को ड्यूटी के दौरान मौके पर मौजूद रहना अनिवार्य होता है। उन्हें अपनी अधिकृत आईडी का उपयोग करते हुए मशीन पर लॉग इन करना होता है। लेकिन इस मामले में इंस्पेक्टर ने अपनी आईडी ही कंडक्टर को सौंप दी, जो गंभीर सुरक्षा चूक है। यदि कंडक्टर खुद ही अपनी मर्जी से टिकटों में धांधली या टांका लगाने का काम करते हैं, तो सिस्टम से इसका पता लगाना नामुमकिन हो जाता है। इस प्रकार की धांधली से न केवल निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि विभाग की छवि भी लगातार धूमिल हो रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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