तमिलनाडु में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना: अपना कटा हाथ लेकर अस्पताल पहुंचा मजदूर, मचा हड़कंप राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
तमिलनाडु के धरापुरम में एक मजदूर काम के दौरान हुए विवाद में अपना हाथ गंवा बैठा, जिसके बाद वह कटे हुए हाथ को साथ लेकर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचा।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

तमिलनाडु के धरापुरम इलाके के एक सरकारी अस्पताल में उस समय अजीब और दिल दहला देने वाली स्थिति पैदा हो गई, जब एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल के भीतर दाखिल हुआ। उसके हाथ में कोई थैली या सामान नहीं, बल्कि उसका अपना ही कटा हुआ हाथ था। 32 वर्षीय मुनियांडी नाम का यह मजदूर जब अस्पताल पहुंचा, तो वहां मौजूद नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उसे देख हैरान रह गए। घटना की गंभीरता को समझते हुए कर्मचारियों ने तुरंत डॉक्टरों को सूचित किया।

काम को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात धरापुरम के पास स्थित एक कृषि फार्म में शुक्रवार को हुई। मुनियांडी मूल रूप से डिंडीगुल जिले का निवासी है और गाउंडाचिपालयम के पास स्थित ईश्वरन के कृषि फार्म में काम के सिलसिले में आया था। वहां पहले से ही 32 वर्षीय रंजीत काम कर रहा था, जो पिछले कई वर्षों से उस फार्म पर नारियल तोड़ने का कार्य संभाल रहा था। बताया जा रहा है कि मुनियांडी के वहां काम शुरू करने के बाद दोनों के बीच नारियल तोड़ने की प्रक्रिया और काम के तौर-तरीकों को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।

दरांती से किया जानलेवा हमला

देखते ही देखते यह आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान रंजीत आपा खो बैठा और उसने पास मौजूद दरांती उठाकर मुनियांडी पर हमला कर दिया। रंजीत के वार से मुनियांडी का हाथ शरीर से पूरी तरह कटकर अलग हो गया। हमले के बाद मुनियांडी दर्द से बुरी तरह कराह रहा था, लेकिन उसने हार नहीं मानी और गजब की हिम्मत दिखाते हुए अपने कटे हुए हाथ को उठाया और एक प्लास्टिक कवर में लपेट लिया। इसके बाद वह एक निजी एंबुलेंस की सहायता से सीधे धरापुरम के सरकारी अस्पताल जा पहुंचा।

कोयंबटूर रेफर किया गया मरीज

अस्पताल में तैनात कर्मचारियों के लिए यह दृश्य किसी सदमे से कम नहीं था। चिकित्सकों ने मुनियांडी की स्थिति को देखते हुए तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, धरापुरम के सरकारी अस्पताल में इतनी गंभीर चोट और कटे हुए अंग को दोबारा जोड़ने के लिए आवश्यक आधुनिक सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए कटे हुए हाथ को एक आइस बॉक्स में सुरक्षित रखा ताकि उसके टिशू खराब न हों। इसके बाद उसे बेहतर इलाज और सर्जरी के लिए तुरंत कोयंबटूर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

इस घटना की सूचना मिलने के बाद मुलानूर पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि काम को लेकर हुए इस विवाद के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा रहा है और रंजीत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप