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एक घंटा पहले
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कानपुर में सामने आया खौफनाक मामला
कानपुर के बेकनगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला की मौत के पीछे का सच सुनकर हर कोई दंग है। शुरुआत में इस मौत को महज एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। पुलिस के अनुसार, महिला की जान बिजली के झटके से नहीं, बल्कि उनके अपने पति ने ली थी। आरोपी ने इस घटना को एक हादसे का रूप देने के लिए पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर खराब पड़े फ्रिज में बिजली का कनेक्शन जोड़कर उसे धक्का दे दिया, जिससे महिला की जान चली गई।
पोस्टमार्टम से बचने के लिए कब्र में दफनाया गया शव
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने इसे पूरी तरह से एक दुर्घटना दिखाने की कोशिश की। परिवार और समाज के बीच यह फैलाया गया कि महिला की मौत करंट लगने से हुई है। इसी के चलते पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम से बचने के लिए महिला के शव को तुरंत कब्रिस्तान ले जाकर दफना दिया गया। हालांकि, कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। घटना के करीब दो दिन बाद, मृतक महिला की छह साल की बेटी अरबिया ने अपने परिजनों को वह सच बताया, जिसने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। बच्ची की बातों ने परिवार के मन में गहरा संदेह पैदा कर दिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश प्राप्त किए और घटना के करीब 8 दिन बाद, यानी 3 जून को कब्र से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान विसरा भी सुरक्षित रखा गया ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बकरीद की खुशियों के बीच छाया मातम
मिली जानकारी के मुताबिक, आलम मार्केट निवासी 40 वर्षीय निशा कौसर की शादी वर्ष 2007 में रिजवी रोड के रहने वाले इंतजार अहमद से हुई थी, जो पेशे से एक सिलाई कारीगर हैं। निशा के भाई आमिर ने बताया कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी और पति अक्सर उनके साथ मारपीट करता था। घटना 27 मई की शाम की है। बकरीद से ठीक एक दिन पहले निशा का भाई उन्हें खरीदारी करवाने के बाद ससुराल छोड़कर आया था। उस वक्त घर पर निशा और उनकी छह साल की बेटी अरबिया अकेली थीं। कुछ देर बाद ही घर में मातम पसर गया और सूचना मिली कि निशा को करंट लग गया है और उनकी मौत हो गई है।
कैसे रची गई हत्या की साजिश
बेकनगंज थाने के प्रभारी मतीन खान ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने हत्या के लिए घर में मौजूद एक खराब फ्रिज का इस्तेमाल किया। पुलिस का आरोप है कि पति ने साजिश के तहत उस खराब फ्रिज में बिजली की सप्लाई चालू की और अपनी पत्नी को उसकी ओर धक्का दे दिया। बिजली का जबरदस्त झटका लगने से निशा की मौत हो गई। आरोपी का पूरा इरादा इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताने का था ताकि वह कानून की नजरों से बच सके और किसी को उस पर हत्या का शक भी न हो।
पुराने विवाद और कानूनी पेच
पुलिस जांच में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि यह विवाद कोई नया नहीं था। वर्ष 2017 में भी आरोपी पति के खिलाफ निशा के साथ मारपीट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि इसी पुराने मामले में आरोपी के खिलाफ हाल ही में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, जिसके चलते उसे जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। जांच अधिकारी इस पुराने रंजिश और मुकदमे को हत्या की इस साजिश की एक बहुत महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देख रहे हैं।
बेटी के बयान से सुलझी गुत्थी
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी अपनी छह साल की बेटी को भी वहां से कहीं दूर ले जाने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। बच्ची के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस पूरी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के पहले और बाद में आरोपी का व्यवहार कैसा था और किन लोगों ने इस साजिश को छुपाने में मदद की।
न्याय की उम्मीद
जिस मौत को एक सामान्य हादसा मानकर मिट्टी के हवाले कर दिया गया था, उसी मामले ने बच्ची के साहस के बाद न्याय की राह पकड़ ली है। कब्र से शव निकलवाकर वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया ने यह साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी छुपाया जाए, वह कभी न कभी सामने जरूर आता है। अब पुलिस ने मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
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