राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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रामलीला मैदान में गरज उठीं ममता बनर्जी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित 'संविधान बचाओ' महारैली के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस रैली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी चेहरे मौजूद थे, लेकिन ममता बनर्जी का भाषण सबसे अधिक आक्रामक और चर्चा का केंद्र रहा।
राम मंदिर और वक्फ संपत्तियों पर सीधे आरोप
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि इस शासनकाल में हर स्तर पर लूट मची है। ममता ने दावा किया कि बीजेपी ने राम जन्मभूमि के नाम पर एकत्रित धन में हेरफेर किया है और इसके साथ ही वक्फ संपत्तियों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने सवाल पूछा, ‘इन्होंने क्या नहीं लूटा? राम जन्मभूमि से लेकर वक्फ संपत्तियों तक सब पर डाका डाला गया है।’ ममता बनर्जी का यह बयान बीजेपी के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले धार्मिक और आस्था से जुड़े नैरेटिव पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों पर गंभीर तंज
ममता बनर्जी ने केवल आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि केंद्र सरकार पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को अपना हथियार बनाने का भी इल्जाम लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का अपना कोई जमीनी संगठन अब बचा ही नहीं है, इसलिए वे पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल अपनी पार्टी का काम करवाने के लिए कर रहे हैं। ममता ने कहा, ‘पुलिस और प्रशासन अब इनके कामरेड बन चुके हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी यही हाल है, जो अपनी मर्जी से काम करने के बजाय राजनीतिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं।
बीजेपी की विदाई का दावा
ममता बनर्जी ने मंच से पूरी मजबूती के साथ हुंकार भरते हुए कहा कि अब बीजेपी के दिन लद चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘बीजेपी का जाना तय है।’ उनके अनुसार, जिस तरह से सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है, उससे जनता के बीच भारी आक्रोश है और आने वाले समय में इसका परिणाम बीजेपी को सत्ता से बाहर करके ही मिलेगा। रैली के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए गठबंधन की एकता को एक नई धार देने की कोशिश की है।
सियासी घमासान और भविष्य की संभावनाएं
ममता बनर्जी का यह विस्फोटक बयान आने वाले दिनों में देश की राजनीति में एक नए बवंडर का संकेत दे रहा है। बीजेपी के लिए राम मंदिर का मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है, ऐसे में ममता द्वारा इस फंड पर सवाल उठाए जाने को सत्ताधारी दल निश्चित रूप से एक बड़ा मुद्दा बनाएगा। बीजेपी इसे सनातनी आस्था और राम भक्तों का अपमान करार देते हुए पलटवार की रणनीति पर काम कर रही है।
दिल्ली की धरती से ममता बनर्जी द्वारा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर किए गए कटाक्ष ने गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली को भी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। आगामी विधानसभा चुनावों और देश की राजनीति में चल रही तमाम उठापटक के बीच, इस महारैली ने विपक्ष को एक नया आक्रामक तेवर दिया है। यह देखना अब दिलचस्प होगा कि विपक्षी गठबंधन के इस आक्रामक रुख का मुकाबला करने के लिए बीजेपी क्या नई रणनीति अपनाती है।
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