अलीगंज अग्निकांड पर एलडीए का कड़ा रुख, बिल्डिंग को गिराने का नोटिस जारी उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 59
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध रूप से बनी बिल्डिंग को खुद गिराने का आदेश दिया है। यदि मालिक इसे स्वयं नहीं हटाते हैं, तो लखनऊ विकास प्राधिकरण इसे ध्वस्त कर देगा।

अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का डंडा

लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने भवन मालिकों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं इस अवैध रूप से निर्मित बिल्डिंग को ध्वस्त कर दें। यदि तय समय के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो विभाग खुद इस निर्माण को जमींदोज कर देगा और इसका खर्च भी मालिक से वसूला जाएगा।

नियमों की उड़ाई गई धज्जियां

जांच में सामने आया है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग बनी है, वह पूरी तरह से आवासीय है। यहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि प्रतिबंधित है। इस मामले में सामने आई मुख्य खामियां इस प्रकार हैं:

  • साल 2013 में वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने यह भूखंड खरीदा था और 2014 में आवासीय नक्शा पास कराया था, लेकिन वहां व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर लिया गया।
  • यह प्लॉट 1992 वर्ग फुट में फैला हुआ है।
  • प्राधिकरण के नियमों के अनुसार बिल्डिंग में आगे और पीछे 3 मीटर का सेटबैक छोड़ना अनिवार्य था, जिसे नजरअंदाज किया गया।
  • व्यावसायिक बिल्डिंग होने के बावजूद यहां बाहर निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता था, जबकि नियमों के तहत दो रास्ते होने आवश्यक हैं।
  • इस एकमात्र रास्ते में भी एयर कंडीशनर की बाहरी इकाइयां लगी हुई थीं, जिससे आपातकाल में बाहर निकलना कठिन था।

अवैध घोषित होने के बाद कैसे बची बिल्डिंग

दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2016 में ही इस बिल्डिंग को अवैध घोषित कर दिया गया था, लेकिन कागजी कार्रवाई में हेरफेर करके इसे फिर से वैध करवा लिया गया। अग्निकांड के दौरान बचाव कार्यों में बड़ी बाधाएं आईं, जिसमें ऊपरी मंजिल पर ताला लगा होना और बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम का काम न करना शामिल है।

फायर विभाग के नियमों का पेच

बिल्डिंग की ऊंचाई 15 मीटर से कम थी, जिसके चलते इस भवन ने फायर एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था। इसके अलावा, बिजली के वायरिंग के काम में भी बेहद खराब गुणवत्ता के तारों का इस्तेमाल किया गया था, जो इस अग्निकांड का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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