उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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सख्त हुई एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर बेखौफ होकर गाड़ी दौड़ाने वालों के लिए अब मुसीबतें बढ़ गई हैं। यातायात नियमों को ताक पर रखकर तय सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ प्रदेश की ट्रैफिक पुलिस ने अब अभियान छेड़ दिया है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि पिछले दो दिनों में ही हजारों की संख्या में वाहनों के चालान किए गए हैं, जिससे सरकारी खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व जमा हुआ है। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस ने निगरानी और सख्त कर दी है।
ऑपरेशन स्पीड लिमिट का बड़ा असर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों को देखते हुए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान को ऑपरेशन स्पीड लिमिट का नाम दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी यातायात निदेशालय ने अपर पुलिस महानिदेशक यातायात ए. सतीश गणेश को सौंपी है। इन दिनों ट्रैफिक पुलिस अत्याधुनिक हाईवे गश्ती वाहनों और विशेष बाइक दस्ते के साथ 24 घंटे पेट्रोलिंग कर रही है। रफ्तार पर लगाम कसने के लिए इंटरसेप्टर वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, जो हर संदिग्ध और तेज गति वाले वाहन की पल पल की निगरानी कर रहे हैं। इस अभियान के तहत मात्र दो दिनों में कुल 6777 वाहनों का चालान किया गया है, जिससे कुल 1 करोड़ 38 लाख 32 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
किस एक्सप्रेसवे पर हुई सबसे अधिक कार्रवाई
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन के मामलों में यमुना एक्सप्रेसवे शीर्ष पर रहा है। अकेले यमुना एक्सप्रेसवे पर 3116 वाहनों के चालान काटे गए और उनसे 66.98 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। अन्य प्रमुख मार्गों पर हुई कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 24.18 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 11.82 लाख रुपये की वसूली हुई।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 9.94 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर भी नजर
केवल प्रमुख एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य महत्वपूर्ण हाईवे पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में भी ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया है। अलग-अलग मार्गों पर हुई कार्रवाई का विवरण नीचे दिया गया है:
- गंगा एक्सप्रेसवे पर 553 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 348 वाहनों के चालान काटे गए।
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 214 वाहनों को जुर्माना भरना पड़ा।
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 103 वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते पकड़े गए।
- गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे पर 90 वाहनों पर दंड लगाया गया।
- कानपुर-वाराणसी हाईवे पर 30 वाहनों से जुर्माना वसूला गया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर सड़क सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें ताकि खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखा जा सके।
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