उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
चीनी प्रतिनिधिमंडल के सामने सपा सांसद की खरी-खरी
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने चीन से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कूटनीतिक शिष्टाचार निभाते हुए भी चीन को आईना दिखाने का काम किया। राजीव राय ने प्रतिनिधिमंडल से साफ शब्दों में कहा कि दोनों देशों को शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अपनी सीमाओं का सम्मान करना चाहिए।
पड़ोसी बदले नहीं जा सकते
मुलाकात के बाद इस बातचीत का ब्यौरा देते हुए सांसद राजीव राय ने बताया कि उन्होंने चीनी प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि भूगोल की वास्तविकता यह है कि पड़ोसी देशों को बदला नहीं जा सकता है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को सचेत करते हुए कहा कि अब पारंपरिक युद्ध का दौर समाप्त हो चुका है। राजीव राय ने कहा, मैंने चीनी प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट किया कि वे अपनी सीमाओं में रहकर ही शांति और विकास की बात करें। न तो कोई देश किसी से जमीन ले सकता है और न ही कोई दे सकता है, इसलिए बेहतर यही है कि आपसी विकास पर ध्यान दिया जाए।
राष्ट्रहित सर्वोपरि
सांसद राजीव राय ने बातचीत के दौरान विदेश नीति के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित किसी भी अन्य विचार से ऊपर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह अमेरिका में ट्रंप की नीतियां चर्चा में रहती हैं, वैसे ही भारत के लिए भी राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे पहले है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि संसद के भीतर भी इस विषय पर चर्चा हुई है और सरकार को देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर रहने की आवश्यकता है।
जमीनी स्तर पर अमल की जरूरत
सांसद ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अक्सर अच्छे प्रस्ताव पारित किए जाते हैं, लेकिन असली परीक्षा उन्हें जमीन पर उतारने की होती है। राजीव राय ने चीनी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि वे केवल कागजी बातों तक सीमित न रहें और वास्तविक शांति के लिए कदम उठाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी जब पाकिस्तान के साथ चीन खड़ा था, तब भी भारत ने अपने राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने चीनी प्रतिनिधियों से आत्ममुग्धता त्याग कर देश की जनभावनाओं का सम्मान करने और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सार्थक प्रयास करने का आह्वान किया।
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