उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
राजधानी लखनऊ के एक होटल में उत्तर प्रदेश के सुशासन, संस्कृति और समृद्धि को समर्पित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग 'त्रिवेणी' का आयोजन किया गया। शनिवार से शुरू हुए इस सम्मेलन में कई राज्यों से आए 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने प्रदेश की योगी सरकार के विकास मॉडल पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर विशिष्ट वैज्ञानिक (सेवानिवृत्त) डीआरडीओ चेयर (एमेरिटस) एवं रक्षा मंत्रालय के अधीन ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व सीईओ-एमडी सुधीर के. मिश्रा, एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ अग्निहोत्री, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास तथा आबकारी विभाग की अपर मुख्य सचिव वीणा कुमारी मीना और सामाजिक कार्यकर्ता शहजाद पूनावाला समेत कई अतिथियों ने शिरकत की। सम्मेलन का समापन सोमवार 15 जून को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
ब्रह्मोस संयंत्र के लिए दो दिन में मिली जमीन
पहले दिन सम्मेलन का केंद्र बिंदु प्रदेश की योगी सरकार के बीते नौ वर्षों का परिवर्तनकारी सफर रहा। इस दौरान सुधीर के. मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार विजन के साथ-साथ एक्शन में भी भरोसा रखती है। एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात करने वाले मुख्यमंत्री के पास स्पष्ट विजन भी है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए योगी सरकार ने महज दो दिन में जमीन उपलब्ध करा दी थी। इससे प्रदेश को आर्थिक रूप से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के चलते उत्तर प्रदेश में 10 हजार करोड़ का निवेश भी आया। इसी मिसाइल का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रियता के कारण ही प्रदेश में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का सपना साकार हो सका।
महिलाओं को मिला नेतृत्व का अवसर
चर्चा के दौरान वीणा कुमारी मीना ने कहा कि इस सरकार में जीएसटी, स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन और एक्साइज समेत कई विभागों में महिलाओं को नेतृत्व करने का मौका मिला। चीनी मिलों के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी 4 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने इसे राजनीतिक नेतृत्व की उपलब्धि बताते हुए कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था के चलते ही आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ रही है। साथ ही महिलाओं में हर क्षेत्र में काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कानून व्यवस्था और निवेश में सुधार
अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि बेहतर शासन-प्रशासन के लिए मुखिया में चरित्र और ईमानदारी का होना अनिवार्य है, और उत्तर प्रदेश की कमान संभालने आए योगी आदित्यनाथ ये दोनों गुण साथ लेकर आए। उन्होंने कहा कि अगर केवल विज्ञापन से सरकारें टिकतीं तो जवाहरलाल नेहरू की सरकार नहीं जाती।
अग्निहोत्री के अनुसार मुख्यमंत्री ने चरणबद्ध तरीके से काम किया। सबसे पहले प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या यानी कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया और इसके बाद निवेश के मुद्दे को सुलझाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जेवर हवाई अड्डे जितना लैंडबैंक एशिया के किसी भी एयरपोर्ट के पास नहीं है, और गंगा एक्सप्रेसवे के लिए सरकार किसी बैंक से लोन मांगने नहीं गई, जो आर्थिक मजबूती का प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना के जरिए प्रदेश में नए उद्यमी खड़े किए गए। योगी सरकार ने जनहित की योजनाओं में किसानों की जमीन का अधिग्रहण आसान बनाया और साथ ही उन्हें बेहतर मुआवजा भी दिया। ऐसे तमाम काम आज दूसरे राज्यों के लिए मॉडल के रूप में काम आ रहे हैं।
किन विषयों पर होगी चर्चा
रविवार को आयोजित होने वाले पहले सत्र में शासन व्यवस्था के विकास, जवाबदेह संस्थाओं और नागरिक-केंद्रित नीतियों पर विमर्श होगा। इसके बाद 'समृद्धि-अवसंरचना, निवेश और अर्थव्यवस्था' विषय पर चर्चा होगी। इसी तरह सोमवार को 'समृद्धि-युवा और महिलाएं' तथा 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की सुशासन आधारित विकास यात्रा और विकसित प्रदेश की परिकल्पना पर अपना संबोधन देंगे।
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