आज का मौसम, 17 जून: आगरा-झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश के आसार, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर IMD का अलर्ट उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान का सिलसिला बना हुआ है और मौसम विभाग ने आगरा, झांसी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मानसून यूपी की बिहार सीमा तक पहुंच चुका है।

उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में आंधी-तूफान का दौर लगातार जारी है। बीते मंगलवार की रात भी कई जिलों में तेज आंधी-तूफान ने भारी उथल-पुथल मचाई। इसी बीच मौसम विभाग ने आगरा, झांसी, ललितपुर, महोबा और हमीरपुर जिले में गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

देशभर में मानसून की सक्रियता

भारतीय मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके असर से पूर्वी, मध्य, दक्षिणी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। कुछ राज्यों में तापमान गिरने से भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

आगरा, झांसी, हमीरपुर में बारिश का अनुमान

आईएमडी ने जानकारी दी है कि आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरेया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में आंधी, गरज-चमक और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके चलते प्री-मानसून बारिश हो रही है। मानसून यूपी की बिहार सीमा पर पहुंच चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि 20 से 23 जून तक झारखंड के रास्ते मानसून यूपी के सोनभद्र में दस्तक दे सकता है।

इस साल कमजोर रह सकता है मानसून

मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां समाप्त होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। इसका मतलब है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के आसार हैं। इसके अलावा इस साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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