लोहागढ़ किला: पुणे के कारोबारी की मौत के बाद चर्चा में आया 900 साल पुराना इतिहास राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 53
महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां शिवाजी महाराज की वीरता की गाथाओं के साथ-साथ कुछ रहस्यमयी मौतें भी चर्चा का विषय बनी हैं।

गौरवशाली इतिहास और मराठा शौर्य

पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले के बाद लोहागढ़ किला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। लोनावला के पास स्थित यह किला करीब 900 साल पुराना है। इसका इतिहास मराठा साम्राज्य और छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह किला मराठा और मुगल साम्राज्य के बीच हुए कई ऐतिहासिक संघर्षों का मूक गवाह रहा है।

पर्यटकों के लिए खास आकर्षण

अपनी शानदार वास्तुकला और सामरिक महत्व के कारण यह किला पर्यटकों के बीच हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। इस किले के प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  • विंचू काटा: किले की अनूठी संरचना जो बिच्छू के डंक जैसी दिखाई देती है।
  • चार ऐतिहासिक दरवाजे: किले में प्रवेश के लिए बने भव्य और मजबूत द्वार।
  • विसापुर किला: यह किला पास ही स्थित विसापुर किले से जुड़ा हुआ है।
  • मानसून ट्रेकिंग: बारिश के मौसम में प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन ट्रेकिंग डेस्टिनेशन है।

रहस्यमयी मौतें और सुर्खियां

हालांकि यह स्थान अपने गौरवशाली अतीत के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां हुई कुछ संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। इन घटनाओं ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि किले से जुड़ी रहस्यमयी कहानियों को भी हवा दी है। केतन अग्रवाल की घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और किले के अतीत पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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