छतरपुर में आकाशीय बिजली का कहर: बान सुजारा बांध से लौट रहे दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 103
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में मौसम की पहली बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध से मछली पकड़कर लौट रहे दो सगे चचेरे भाइयों पर आकाशीय बिजली गिर गई जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ मानसून की पहली बारिश ही एक परिवार के लिए भारी मुसीबत लेकर आई। जिले की घुवारा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सौरखी में आसमानी बिजली गिरने की वजह से दो सगे चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

मछली का शिकार करने गए थे धसान नदी पर बने बांध

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सौरखी के रहने वाले करीब पांच से छह लोग गांव के पास ही बहने वाली धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध में मछली पकड़ने के लिए गए हुए थे। सभी लोग बांध के किनारे मछली का शिकार कर रहे थे कि तभी अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में काले घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। मौसम को बिगड़ता देख सभी लोगों ने वहां से सुरक्षित अपने घर वापस लौटने का फैसला किया और बांध से निकल पड़े।

वापस लौटते समय रास्ते में पड़ने वाले एक बरसाती नाले में पानी का बहाव बेहद तेज हो चुका था। पानी का बढ़ता स्तर देखकर टोली के चार लोग दूसरे सुरक्षित रास्ते से गांव की ओर निकल गए, जबकि शेष बचे दो भाई दूसरे रास्ते से अपने घर की तरफ आगे बढ़े, जो उनके लिए अंतिम सफर साबित हुआ।

बारिश से बचने के लिए पेड़ का सहारा लेना पड़ा भारी

घर लौटने के दौरान बारिश की रफ्तार और अधिक तेज हो गई। तेज बौछारों से बचने के लिए दोनों चचेरे भाइयों, जिनका नाम कनई आदिवासी और चरन आदिवासी था, ने रास्ते में स्थित एक पेड़ के नीचे शरण ले ली। वे दोनों पेड़ की छांव में खड़े होकर बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच अचानक गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर आ गिरी, जिसके नीचे दोनों भाई खड़े थे।

वज्रपात इतना भीषण था कि कनई और चरन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि उनके साथ आए अन्य चार लोग दूसरे पेड़ के नीचे खड़े थे, जिसके कारण वे इस भयानक हादसे का शिकार होने से सुरक्षित बच गए।

प्रशासनिक टीम ने संभाला मोर्चा, सहायता का दिया आश्वासन

इस भीषण हादसे की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही घुवारा के तहसीलदार प्रीतम सिंह गौड़ और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और ग्रामीणों से पूछताछ की।

अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा तैयार किया गया, जिसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने शोकाकुल पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और सरकारी नियमों के तहत हर संभव सहायता राशि जल्द से जल्द प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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