छिपकली और मक्खियों के बीच पैक हो रहा ड्राई फ्रूट, गंदगी में बन रही नमकीन, FSSAI ने दो बड़ी कंपनियों पर लिया एक्शन व्यापार एक घंटा पहले 3
खाद्य नियामक FSSAI ने गंभीर स्वच्छता नियमों के उल्लंघन के चलते वीकेसी नट्स और छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। फैक्ट्री परिसर में कीड़ों की मौजूदगी और गंदगी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

FSSAI की बड़ी कार्रवाई

भारत में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली शीर्ष संस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने हाल ही में दो प्रमुख खाद्य कंपनियों पर कड़ा प्रहार किया है। नियामक ने ड्राई फ्रूट पैक करने वाली कंपनी VKC नट्स प्राइवेट लिमिटेड और नमकीन बनाने वाली कंपनी CHHEDA स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये दोनों ही कंपनियां अपने उत्पादों को ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और इंस्टामार्ट जैसी वेबसाइटों के माध्यम से धड़ल्ले से बेच रही थीं। दावा तो बड़ी-बड़ी वेबसाइटों पर क्वालिटी प्रोडक्ट्स का किया जा रहा था, लेकिन जब जांच की गई तो जो हकीकत सामने आई वह चौंकाने वाली थी।

वीकेसी नट्स में मिला कीटों का जमावड़ा

उत्तर प्रदेश में स्थित VKC नट्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर का जब FSSAI की टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो वहां खाद्य सुरक्षा के मानकों की धज्जियां उड़ती पाई गईं। जांच के दौरान अधिकारियों को पिस्ता के पैकेटों में जीवित कीड़े रेंगते हुए मिले, जो कि एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य जोखिम है। केवल इतना ही नहीं, कच्चे माल को जमा करने वाले गोदाम की दीवारों और छतों पर भारी मात्रा में काली फफूंद यानी कवक जमा हो रखी थी। कंपनी के प्रोसेसिंग एरिया में इस्तेमाल हो रही मशीनरी भी पूरी तरह से जंग लगी और गंदगी से भरी हुई थी।

छिपकलियों और मक्खियों का डेरा

कंपनी की लापरवाही की हद तब पार हो गई जब अधिकारियों ने देखा कि जिस जगह पर अंजीर खुले क्रेट में रखे गए थे, ठीक उसी के बगल में जमीन पर एक जीवित छिपकली घूम रही थी। प्रोसेसिंग क्षेत्रों की स्थिति इतनी बदतर थी कि खाद्य उत्पादों पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कंपनी के पास कीट-नियंत्रण के नाम पर कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। प्लास्टिक की ट्रे, चाकू, कंटेनर और क्रेट बुरी तरह क्षतिग्रस्त और अस्वच्छ पाए गए, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ था।

छेड़ा स्पेशलिटीज फूड्स की कारस्तानी

महाराष्ट्र स्थित नमकीन निर्माता CHHEDA स्पेशलिटीज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थिति भी इससे बेहतर नहीं थी। FSSAI की जांच टीम ने पाया कि कंपनी के कर्मचारी साफ-सफाई के बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे थे। नमकीन के लिए बेसन का आटा तैयार करते समय कर्मचारी नंगे हाथों का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके अलावा, फैक्ट्री के फर्श पर जहां गंदगी और कचरा पड़ा था, उसी के पास बैठकर कर्मचारी केले छील रहे थे। इस तरह की अस्वच्छ कार्यशैली से संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

लाइसेंस बहाली के लिए कड़ी शर्तें

नियामक ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों कंपनियों का लाइसेंस तब तक निलंबित रहेगा जब तक कि वे अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार नहीं लातीं। FSSAI ने कंपनियों के सामने सुधारात्मक उपाय लागू करने की एक लंबी सूची रखी है। इसमें प्रभावी स्वच्छता बनाए रखना, कीट-नियंत्रण प्रणाली को दुरुस्त करना, कचरा प्रबंधन का सही तरीका अपनाना, फैक्ट्री के ढांचे की मरम्मत करवाना और कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा के मानकों के प्रति प्रशिक्षित करना शामिल है। जब तक ये कंपनियां अपने परिसर को सुरक्षित और स्वच्छ नहीं बना लेतीं, तब तक उनका कामकाज बंद रहेगा। यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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