महंगाई के दौर में राहत: इस साल फल-सब्जियों के दाम नहीं बिगाड़ेंगे बजट, प्याज-टमाटर भी रहेंगे काबू में व्यापार एक घंटा पहले 2
कृषि मंत्रालय के अनुसार फसल वर्ष 2025-26 में देश का बागवानी उत्पादन दो फीसदी बढ़कर 37.77 करोड़ टन रहने का अनुमान है। फल और सब्जियों के बंपर उत्पादन से इस साल इनकी कीमतों में बड़ी तेजी की आशंका कम है।

खुदरा महंगाई एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रही है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में साफ दिखा है कि कई महीनों के बाद खुदरा महंगाई की दर 4 फीसदी पर पहुंच गई है। रिजर्व बैंक ने भी चालू वित्तवर्ष में इसके 6 फीसदी के आसपास तक जाने की आशंका जताई है। आमतौर पर बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर फल और सब्जियों की कीमतों पर पड़ता है, लेकिन इस बार आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।

इन तमाम चिंताओं के बीच राहत की बात यह है कि भले ही खुदरा महंगाई ऊपर की ओर बढ़ रही हो, लेकिन इस साल फल और सब्जियों के दाम काबू में रहने की उम्मीद है। इसकी सबसे बड़ी वजह देश में होने वाला इनका बंपर उत्पादन है।

बागवानी उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान

फसल वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का बागवानी उत्पादन दो फीसदी बढ़कर 37.77 करोड़ टन रहने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह फलों और सब्जियों का बेहतर उत्पादन है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में बागवानी फसलों के तहत खेत का रकबा 301.51 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष के 301.36 लाख हेक्टेयर से मामूली अधिक है।

कृषि मंत्रालय ने दूसरे अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि देश में बागवानी उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 में करीब 3,777.76 लाख टन रहने की उम्मीद है। यह फसल वर्ष 2024-25 (अंतिम) की तुलना में 70.39 लाख टन यानी 1.90 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। फसल वर्ष 2024-25 में यह उत्पादन 3,707.38 लाख टन रहा था। मंत्रालय के अनुसार इस साल फलों, सब्जियों, फूलों के साथ-साथ सुगंधित और औषधीय फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी का अनुमान है।

फलों की भरपूर आवक से थमेंगे दाम

केला, आम, पपीता, सेब और अमरूद के उत्पादन में बढ़ोतरी के चलते फसल वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन तीन फीसदी बढ़कर 1,214.75 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो फसल वर्ष 2024-25 में 1,176.49 लाख टन था। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में फलों की अच्छी आवक के कारण इनकी खुदरा कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल आने की आशंका कम है।

सब्जियों का भी रिकॉर्ड उत्पादन

मंत्रालय के अनुसार, सब्जियों का उत्पादन फसल वर्ष 2025-26 में 1.5 फीसदी बढ़कर 2,210 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो फसल वर्ष 2024-25 में 2,177.97 लाख टन था। आलू, टमाटर, भिंडी, मटर, फूलगोभी और लौकी के उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान है।

  • प्याज: फसल वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि फसल वर्ष 2024-25 में यह 307.67 लाख टन था।
  • आलू: आलू का उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 के 585.71 लाख टन से बढ़कर 598.89 लाख टन होने की उम्मीद है।
  • टमाटर: फसल वर्ष 2025-26 में टमाटर का उत्पादन 214.61 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो फसल वर्ष 2024-25 के 205.99 लाख टन की तुलना में 4.19 फीसदी अधिक है।

औषधीय और सुगंधित पौधों की पैदावार भी बढ़ी

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सुगंधित और औषधीय पौधों का उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 के 9.01 लाख टन से बढ़कर फसल वर्ष 2025-26 में 9.76 लाख टन रहने का अनुमान है। इसी अवधि में बागवानी फसलों का उत्पादन 169.34 लाख टन रहने की उम्मीद है।

फूलों का उत्पादन वर्ष 2024-25 के 42.65 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 45.84 लाख टन होने का अनुमान है। वहीं मसालों का उत्पादन वर्ष 2025-26 में बढ़कर 126.55 लाख टन रहने की उम्मीद है, जिसमें लहसुन, हल्दी, करी पत्ता और मेथी के उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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