RTO के चक्कर खत्म! ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता बढ़ेगी, ओनरशिप ट्रांसफर और परमिट होंगे ऑनलाइन व्यापार एक महीने पहले 17
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाने के साथ-साथ वाहन स्वामित्व ट्रांसफर और परमिट नवीनीकरण को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी में है। इससे लोगों को आरटीओ दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

वाहन मालिकों और चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट नवीनीकरण और वाहन स्वामित्व ट्रांसफर जैसे जरूरी कामों को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इस बदलाव के बाद लोगों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनका काम बिना किसी झंझट के पूरा हो सकेगा।

लाइसेंस की वैधता बढ़ाने पर विचार

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहा है। मौजूदा व्यवस्था में लाइसेंस उसके बनने की तारीख से 20 साल तक या फिर लाइसेंस होल्डर की उम्र 50 साल होने तक वैध रहता है। इसके बाद इसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है। हालांकि सरकार अब इस अवधि को बढ़ाने का मन बना चुकी है।

ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और उसके नवीनीकरण से जुड़ी सभी प्रकार की फीस भी ऑनलाइन ही जमा की जा सकेगी। इससे आम लोगों को दलालों और बिचौलियों के चंगुल से छुटकारा मिलेगा, जबकि राज्यों के राजस्व या आय पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

ये दो जरूरी काम होंगे ऑनलाइन

वाहन स्वामित्व ट्रांसफर और परमिट नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे भी आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि उसे आरटीओ कार्यालय आने की जरूरत नहीं रहेगी। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोग घर बैठे ही अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से ये सभी काम निपटा सकें।

आम आदमी को क्या होगा फायदा

आरटीओ के धक्के नहीं खाने होंगे: गाड़ी ट्रांसफर करने, एनओसी (NOC) लेने या परमिट के लिए अब आरटीओ दफ्तर के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सारा काम डिजिटल विंडो से ही पूरा हो जाएगा।

समय की बड़ी बचत: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने से दलालों की मनमानी और आरटीओ में होने वाली अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगेगी, जिससे आम आदमी का पैसा और कीमती समय दोनों बचेंगे।

रिन्यूअल के झंझट से राहत: फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस 20 वर्ष या 50 वर्ष की आयु तक ही वैध रहता है, लेकिन सरकार द्वारा इसकी वैधता अवधि बढ़ाए जाने से बार-बार नवीनीकरण कराने की परेशानी से लंबे समय तक राहत मिल जाएगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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