कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया यह जवाब व्यापार 2 महीने पहले 79
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रही कमी के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती की संभावनाओं पर स्थिति स्पष्ट की है।

दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के मन में एक ही बड़ा सवाल है कि क्या देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे? ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दामों में भारी तेजी देखी गई थी, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। हालांकि, अब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आने लगी है, तो लोगों को राहत की उम्मीद दिखने लगी है। इस पूरे मुद्दे पर देश के केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सरकार की स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

क्या पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी?

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार निचले स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए स्पष्ट किया कि कच्चे तेल की खरीद तुरंत नहीं होती है, बल्कि इसके लिए दो महीने पहले ही एडवांस में ऑर्डर दे दिया जाता है। इसका मतलब है कि वर्तमान में जो कच्चा तेल भारत आ रहा है, उसकी खरीदारी के लिए 2 महीने पहले ही सौदा तय हो चुका था। इसलिए वैश्विक बाजार में कीमतों के गिरने का तुरंत असर घरेलू बाजार पर नहीं दिखता, और इसमें थोड़ा वक्त लगता है।

सरकारी तेल कंपनियों को हुआ भारी नुकसान

पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में आई भारी अस्थिरता की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था। कच्चे तेल के दाम अत्यधिक ऊंचे होने के बावजूद घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा गया, जिससे इन कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव बढ़ा है।

वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत रणनीति

दुनिया भर में जारी विभिन्न भू-राजनीतिक संकटों और तनावपूर्ण स्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने देश के भीतर ईंधन की सप्लाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत की बेहतरीन रणनीति और सूझबूझ का ही परिणाम है कि देश में कभी भी ईंधन की किल्लत नहीं हुई। भारत के पास हर परिस्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित ईंधनों का हमेशा पर्याप्त स्टॉक मौजूद रहा है:

  • कच्चा तेल (क्रूड ऑयल)
  • डीजल
  • एलपीजी (LPG)

इस प्रकार, सरकार ने घरेलू स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की है और अंतरराष्ट्रीय संकटों का सीधा बोझ आम जनता पर नहीं पड़ने दिया है। अब यदि वैश्विक स्तर पर कीमतों में नरमी का यह रुख लंबे समय तक बरकरार रहता है, तो आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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