कुशीनगर: खेत की सफाई के दौरान निकला चांदी का खजाना, मिट्टी के नीचे दबे थे करीब 330 प्राचीन सिक्के उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 19
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक खेत की सफाई के दौरान मिट्टी के नीचे दबे करीब 330 प्राचीन चांदी के सिक्के मिले, जिन पर अरबी और उर्दू लिपि अंकित है। सूचना मिलते ही पुलिस ने सिक्के अपने कब्जे में ले लिए।

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक खेत से बड़ी संख्या में प्राचीन चांदी के सिक्के मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि खेत की सफाई के दौरान ग्रामीणों को मिट्टी के नीचे दबे करीब 330 चांदी के सिक्के मिले। इन सिक्कों पर अरबी और उर्दू लिपि में कुछ लिखा हुआ है, जिसके चलते इनके ऐतिहासिक महत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सिक्के मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों में सिक्के बटोरने की होड़ मच गई। सूचना मिलते ही तरयासुजान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए राधेश्याम वर्मा के घर से सिक्के बरामद कर अपने कब्जे में ले लिए। यह पूरा घटनाक्रम तरयासुजान थाना क्षेत्र के गोपालपुर ओझवलिया गांव का है।

इतिहास की परतों में दबा है खजाना

दरअसल, कुशीनगर का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है। यही वजह है कि यहां खुदाई के दौरान अक्सर प्राचीन सिक्के, मूर्तियां और अन्य पुरातात्विक अवशेष मिलते रहते हैं। बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध इस स्थान को भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में भी जाना जाता है।

प्राचीन काल में यहां कई मठ, स्तूप, मंदिर और आबाद बस्तियां मौजूद थीं, जिनके अवशेष समय बीतने के साथ मिट्टी की परतों के नीचे दब गए। यही अवशेष आज खुदाई के दौरान अक्सर सामने आते रहते हैं।

कुशीनगर में बार-बार क्यों मिलते हैं प्राचीन अवशेष?

इतिहासकारों के अनुसार कुशीनगर प्राचीन धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों का भी एक अहम केंद्र रहा है। अलग-अलग कालखंडों में यहां कई राजवंशों का प्रभाव रहा, जिसके चलते तरह-तरह के सिक्के और कलाकृतियां इस इलाके तक पहुंचीं।

प्रकृति में बदलाव, बाढ़ और नई बस्तियों के बसने के कारण ये वस्तुएं जमीन के भीतर ही सुरक्षित बनी रहीं। यही कारण है कि खेती, निर्माण कार्य या पुरातात्विक खुदाई के दौरान यहां अक्सर इतिहास से जुड़ी चीजें मिलती रहती हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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