शिवसेना UBT का कड़ा एक्शन, कृष्णा पाटिल को पार्टी से निकाला, क्या पिता की राह पर चलेंगे बेटा? महाराष्ट्र एक दिन पहले 5
हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल के बेटे कृष्णा पाटिल को उद्धव ठाकरे गुट ने निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिसके बाद अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयास तेज हो गए हैं।

पार्टी से बाहर हुए कृष्णा पाटिल

उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली शिवसेना यूबीटी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कृष्णा नागेश पाटिल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि कृष्णा लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे। गौरतलब है कि कृष्णा के पिता और हिंगोली से सांसद नागेश आष्टीकर पहले ही बगावत कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। पिता के पाला बदलने के बाद भी कृष्णा ने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से खुद को उद्धव ठाकरे का वफादार सिपाही बताया था, लेकिन अब पार्टी ने उन पर कार्रवाई कर दी है।

चुनाव में हार के बाद कार्रवाई

हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनावों में कृष्णा आष्टीकर नादेड़ सीट से शिवसेना यूबीटी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और अब चुनावी परिणाम के कुछ ही समय बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या कृष्णा पाटिल अब अपने पिता की तरह एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामेंगे।

ऑपरेशन टाइगर और राजनीतिक हलचल

शिवसेना नेता और कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाईक ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि जल्द ही उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। सरनाईक ने 'ऑपरेशन टाइगर' का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत पार्टी में नेताओं का आना निरंतर जारी है। उन्होंने संकेत दिया कि आज दोपहर 3 बजे मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। हालांकि, विधायकों को लेकर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सरनाईक ने ऑपरेशन की सफलता पर जोर दिया है।

विधान परिषद चुनावों का लेखा-जोखा

विधान परिषद की 17 सीटों के लिए हुए चुनावों में महायुती ने अपना दबदबा साबित किया है। इनमें से 6 सीटों पर उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की थी। वहीं 18 जून को हुई वोटिंग के बाद 22 जून को घोषित नतीजों में 11 में से 10 सीटों पर महायुती ने कब्जा जमा लिया। नासिक की एक सीट पर बीजेपी के बागी नेता ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। इन चुनावों में महाविकास अघाड़ी और कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्हें किसी भी सीट पर जीत नसीब नहीं हुई।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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