कोटा अस्पताल में 5 प्रसूताओं की मौत: AIIMS जांच रिपोर्ट में चिकित्सकीय लापरवाही और संक्रमण नियंत्रण की विफलता उजागर राजस्थान 4 महीने पहले 140
कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पांच प्रसूताओं की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा चुकी है, जिसमें इलाज में लापरवाही, प्रशासनिक खामियां और संक्रमण नियंत्रण में गंभीर चूक को मुख्य वजह बताया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।

जांच रिपोर्ट सरकार के हाथों में

कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पांच प्रसूताओं की मृत्यु को लेकर की गई जांच की रिपोर्ट अब सरकार को सौंप दी गई है। इस रिपोर्ट में मौतों के पीछे तीन बड़े कारण गिनाए गए हैं — चिकित्सकीय उपचार में बरती गई लापरवाही, प्रशासनिक स्तर पर मौजूद कमजोरियां और संक्रमण रोकने की व्यवस्था में आई कमी।

शिरीन के मामले में संक्रमित बच्चेदानी में लगे टांके बने जानलेवा

जांच के दौरान प्रसूता शिरीन के मामले में एक गंभीर चिकित्सकीय भूल उजागर हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, शिरीन की पहले से संक्रमित बच्चेदानी में टांके लगा दिए गए, जिसके चलते संक्रमण और तेजी से फैला। यह संक्रमण बढ़ते-बढ़ते मल्टी ऑर्गन फेलियर में तब्दील हो गया, जो उनकी मौत का सीधा कारण बना।

अन्य चार प्रसूताओं की मौत के अलग-अलग कारण

शिरीन के अलावा अन्य प्रसूताओं की मृत्यु के कारण भिन्न-भिन्न पाए गए। जांच में सामने आया कि इन मामलों में पल्मोनरी एम्बोलिज्म, अत्यधिक रक्तस्राव तथा हृदय संबंधी समस्याएं मृत्यु की वजह बनीं।

गहलोत ने पारदर्शिता और मुआवजे की उठाई मांग

इस पूरे मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से दो अहम मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और मृत प्रसूताओं के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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