कोटा: चार साल बाद बिछड़े भाई से मिला झारखंड का श्याम, गले लगकर रो पड़े दोनों राजस्थान एक घंटा पहले 2
कोटा के अपना घर आश्रम ने चार साल से लापता झारखंड के श्याम को रेस्क्यू कर इलाज और काउंसलिंग के बाद उसकी याददाश्त लौटाई और परिवार से मिलाया। भाई से मिलते ही दोनों एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े।

कोटा के ‘अपना घर आश्रम’ ने एक बार फिर मानव सेवा की मिसाल पेश की है। चार साल से अपने परिवार से बिछड़े झारखंड निवासी श्याम को आश्रम ने न सिर्फ नई जिंदगी दी, बल्कि उसे उसके सगे भाई से मिलाकर घर लौटने का रास्ता भी खोल दिया। बिछड़े भाई को सामने देखते ही दोनों भाइयों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और वे एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े। यह भावुक नजारा वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।

सड़कों पर भटक रहा था बेसहारा युवक

कुछ साल पहले कोटा की विज्ञान नगर की सड़कों पर एक युवक लावारिस और मानसिक रूप से विमंदित हालत में भटक रहा था। उसकी स्थिति बेहद दयनीय थी और वह सिर्फ अपना नाम ‘श्याम’ ही बता पा रहा था, जबकि अपने घर या पते के बारे में उसे कुछ भी याद नहीं था। ऐसे में ‘अपना घर आश्रम, कोटा’ के सेवासाथियों ने उसे रेस्क्यू किया और सुरक्षित आश्रय दिया। आश्रम में आने के बाद उसकी पूरी देखभाल की जिम्मेदारी वहां के सेवाभावियों ने उठा ली।

इलाज और काउंसलिंग से लौटी याददाश्त

पिछले 2 वर्षों से आश्रम में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में श्याम का इलाज और थेरेपी चल रही थी। नियमित काउंसलिंग और अपनेपन से भरी देखभाल का नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे उसकी याददाश्त लौटने लगी। काउंसलिंग के दौरान श्याम ने अपने घर का पता बताया। उसने जानकारी दी कि वह झारखंड के बसिया ममारला थाना क्षेत्र के गांव तंगार जर्या का रहने वाला है।

सही पता मिलते ही आश्रम की टीम तुरंत हरकत में आ गई और झारखंड के बसिया पुलिस थाने से संपर्क किया। पुलिस की मदद से श्याम के परिजनों तक यह सूचना पहुंचाई गई।

चार साल का इंतजार और भावनात्मक मिलन

श्याम के भाई मारियानुस बा और जेनिफर बा जब कोटा पहुंचे, तो भाई से मिलने का वह पल बेहद मार्मिक रहा। परिजनों ने बताया कि श्याम चार साल पहले अचानक लापता हो गया था। उन्होंने राज्य भर में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने तो श्याम से दोबारा मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी।

श्याम के भाइयों ने आश्रम की टीम के प्रति हृदय से आभार जताते हुए कहा कि आश्रम वालों ने उनके भाई को न केवल नई जिंदगी दी है, बल्कि बिखर चुके परिवार को फिर से जोड़ दिया है। आज उनका चार साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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