पश्चिम बंगाल में दुर्गा विसर्जन को लेकर सख्त गाइडलाइंस, प्रतिमा छूने पर सुवेंदु अधिकारी का बड़ा निर्देश पश्चिम बंगाल एक घंटा पहले 6
पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिमाओं को छूने वालों को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। राज्य में विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी के लिए 18 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है।

विसर्जन को लेकर प्रशासन का सख्त रुख

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है, बल्कि धार्मिक परंपराओं के निर्वहन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि हुगली नदी में विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग ही मां दुर्गा की प्रतिमाओं को स्पर्श कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं कोलकाता के बाबूघाट पहुंचकर इन तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद थीं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को टालना और विसर्जन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

प्रतिमा स्पर्श को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश

मीडिया में आई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि हुगली नदी में प्रतिमाओं को ले जाने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विसर्जन के दौरान केवल वही लोग प्रतिमाओं को छूएंगे जो सनातन धर्म को मानते हैं। इस निर्देश को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने इसे सांप्रदायिक मुद्दा मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका तर्क है कि यह निर्णय विसर्जन की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं और शास्त्रों के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। दुर्गा पूजा महज एक उत्सव नहीं, बल्कि एक गहरा धार्मिक अनुष्ठान है, जिसकी मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए।

तकनीकी बदलाव और सुरक्षा इंतजाम

विसर्जन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने कई बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें प्रतिमा विसर्जन को लेकर कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद अब क्रेन की जगह ट्रॉली का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं, जिसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमों को भी तैनात किया गया है। आपातकालीन स्थितियों में पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 24 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद हुगली नदी की पूरी तरह सफाई की जाएगी। बाबूघाट के बाद उन्होंने नाव के जरिए हावड़ा की ओर स्थित विभिन्न घाटों का निरीक्षण भी किया।

टाकी में छोटी नावों पर विशेष निगरानी

उत्तर 24 परगना जिले के टाकी में इच्छामती नदी पर होने वाले विसर्जन को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है। अनुमान है कि यहां करीब 200 छोटी नावों पर सवार होकर लोग विसर्जन देखेंगे। मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन ने इस प्रथा को रोकने के लिए प्रयास किए थे, लेकिन लोगों की भावनाओं का सम्मान करना भी आवश्यक है। हालांकि, डिंगी नावों के खतरे को देखते हुए लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नावों में वजन संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यहां सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को शामिल किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कैबिनेट मंत्री को जिम्मेदारी दी गई है और बरासात रेंज के डीआईजी को भी तैनात किया गया है।

18 आईपीएस अधिकारियों की कड़ी निगरानी

महासप्तमी की शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी, उसके बाद प्रशासन सुरक्षा के मामले में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कोलकाता के साथ ही हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में विसर्जन की कड़ी निगरानी की जाएगी। इसके लिए कुल 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इन अधिकारियों में से 12 की ड्यूटी कोलकाता में रहेगी, जबकि शेष छह अधिकारी आसपास के तीन आयुक्तालय क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये अधिकारी 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक लगातार विसर्जन की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और इसके लिए अलग-अलग ड्यूटी चार्ट तैयार किए गए हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप