फ्यूल लीक, इंजन फेल और नशे में पायलट: एयर इंडिया की उड़ानों में आखिर हो क्‍या रहा है? राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 4
एयर इंडिया की उड़ानों में तकनीकी खराबी और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिसने यात्रियों के मन में एयरलाइंस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

एयर इंडिया की सुरक्षा पर मंडराते सवाल

आसमान में 36,000 से 37,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हुए एक बोइंग 737 विमान के भीतर अचानक अलार्म बजने लगे, तो यात्रियों की सांसें थम गईं। कोच्चि से अबू धाबी जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX 415 के साथ यह भयावह अनुभव तब हुआ जब टेकऑफ के महज 50 मिनट बाद ही विमान में तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने पाया कि विमान के इंजन 1 से तेजी से ऑयल रिस रहा है और ऑयल प्रेशर सीधे डेंजर ज़ोन में चला गया है। किसी भी बड़े हादसे को टालने के लिए पायलटों ने तुरंत इंजन को मिड-एयर में शटडाउन किया और विमान को वापस कोच्चि की ओर मोड़कर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। गनीमत यह रही कि विमान सुरक्षित जमीन पर उतर गया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर एयर इंडिया की सुरक्षा और मेंटेनेंस मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एयर इंडिया के उड़ते जहाजों का अब केवल किस्मत ही सहारा है?

अहमदाबाद से फुकेट तक: लापरवाही का सिलसिला

यह कोई पहली दफा नहीं है जब एयर इंडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। हाल के समय में ऐसी घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला देखने को मिली है, जिसने टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली इस विमानन कंपनी की छवि को धूमिल किया है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश की घटना अभी पुरानी भी नहीं हुई थी कि फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI2379 का कांड सामने आ गया। 4 अगस्त को हुई उस घटना ने पूरे एविएशन सेक्टर को हिलाकर रख दिया था। उस दौरान 36,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम ने एक साथ काम करना बंद कर दिया था। ऑटोपायलट के फेल होते ही विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया। विमान में आए भीषण झटकों के कारण केबिन की छतें उखड़ गईं और ओवरहेड बिन्स टूट गए। इस हादसे में क्रू सहित कुल 24 यात्री घायल हुए, जिनमें से 4 लोगों को गंभीर चोटें आई थीं।

पायलट का ड्रग्स टेस्ट में पॉजिटिव मिलना

फुकेट-दिल्ली उड़ान की उस घटना को पहले केवल खराब मौसम या क्लियर एयर टर्बुलेंस का परिणाम माना जा रहा था। हालांकि, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए। जांच के दौरान जब क्रू सदस्यों का मेडिकल और डोप टेस्ट किया गया, तो विमान के 34 वर्षीय कैप्टन का सैंपल साइकोएक्टिव पदार्थ यानी गांजा (मैरिजुआना) के लिए पॉजिटिव पाया गया। इस खुलासे ने न केवल एयर इंडिया प्रबंधन बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर के होश उड़ा दिए। यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर नशे में विमान उड़ाना सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक बेहद घिनौना उदाहरण है।

टाटा के टेकओवर के बाद भी क्यों नहीं सुधरे हालात?

जब टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया की कमान अपने हाथों में ली थी, तो देश को यह उम्मीद थी कि 'महाराजा' अपने पुराने गौरव को दोबारा हासिल करेगा। नए विमानों के लिए बड़े ऑर्डर दिए गए, लोगो बदला गया और ब्रांड को एक नया रूप देने की कोशिश की गई। लेकिन जमीनी हकीकत इन बड़े दावों से काफी दूर नजर आती है। बुनियादी मेंटेनेंस, फ्लाइट से पहले होने वाले सुरक्षा निरीक्षण और क्रू मैनेजमेंट जैसे अहम पहलुओं पर एयरलाइंस का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है। कोच्चि की घटना, जहां 37,000 फीट पर इंजन ऑयल खत्म हो गया, इस बात का प्रमाण है कि उड़ान भरने से पहले विमान की तकनीकी जांच में घोर लापरवाही बरती गई थी। यदि प्री-फ्लाइट इंस्पेक्शन का काम सही ढंग से होता, तो यह खराबी जमीन पर ही पकड़ी जा सकती थी।

क्या यात्री अब सिर्फ किस्मत के भरोसे हैं?

हवाई सफर में सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य शर्त है। बार-बार हो रहे तकनीकी हादसों ने हवाई यात्रियों के मन में एक गहरा डर बैठा दिया है। आज एयर इंडिया का टिकट बुक करने वाला हर व्यक्ति सफर के आनंद से पहले अपनी सलामती की प्रार्थना करता है। यदि एयरलाइंस ने समय रहते अपने पूरे फ्लीट का कड़ा और पारदर्शी स्ट्रक्चरल तथा मैकेनिकल ऑडिट नहीं कराया, तो भविष्य में यह छोटी लापरवाही एक बड़े और भयावह हादसे का रूप ले सकती है, जिसकी भरपाई कोई भी मुआवजा या सार्वजनिक माफीनामा कभी नहीं कर पाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • कोच्चि-अबू धाबी फ्लाइट IX 415 के साथ क्या हुआ था? उड़ान के 50 मिनट बाद 36,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के पहले इंजन से तेजी से ऑयल लीक होने लगा और प्रेशर डेंजर ज़ोन में पहुंच गया, जिससे मजबूरन विमान को कोच्चि वापस लाना पड़ा।
  • क्या बोइंग 737 सिंगल इंजन पर सुरक्षित उतर सकता है? हां, बोइंग 737 विमान को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह एक इंजन बंद होने की स्थिति में भी सुरक्षित लैंडिंग करने में सक्षम होता है।
  • फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हाइड्रोलिक फेलियर के बाद क्या हुआ? उस घटना में 36,000 फीट पर तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गए थे, जिससे विमान अचानक 300 फीट नीचे गिरा और केबिन में भारी टूट-फूट हुई, जिसमें 24 यात्री घायल हो गए।
  • एयर इंडिया की इन समस्याओं का मूल कारण क्या है? नए विमान खरीदने और रीब्रांडिंग के बावजूद कंपनी के मेंटेनेंस प्रोटोकॉल, ग्राउंड स्टाफ की कार्यकुशलता और सुरक्षा जांच में गंभीर स्तर की ढिलाई देखी जा रही है।
  • पायलट के डोप टेस्ट का नतीजा क्या निकला? फुकेट से आने वाली उड़ान के 34 वर्षीय कैप्टन का ब्लड टेस्ट साइकोएक्टिव पदार्थ (गांजा) के लिए पॉजिटिव पाया गया, जिसे सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ माना गया।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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