जंतर-मंतर पर खत्म हुआ छात्रों का प्रदर्शन, जानिए सरकार ने किन शर्तों पर मानी मांगें भारत एक महीने पहले 57
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत के बाद अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया है। सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें इस्तीफे और मुआवजे का वादा शामिल है।

सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त

नई दिल्ली में बीते कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आंदोलन को वापस लेने की आधिकारिक घोषणा की है। इस बैठक के बाद सरकार और संगठन ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें जानकारी दी गई कि सरकार ने छात्रों की सभी अहम मांगों पर सहमति जता दी है। प्रदर्शनकारी छात्रों से अब अपने घरों को लौटने की अपील की गई है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पहली मांग

कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के कुल तीन दौर आयोजित किए गए। संगठन की प्रमुख मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। आशुतोष रंका ने पुष्टि की कि सरकार ने इस मांग को मान लिया है और धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को प्रदर्शनकारियों ने अपनी पहली बड़ी जीत करार दिया है।

प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे होंगे रद्द

संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दूसरी महत्वपूर्ण मांग के बारे में विस्तार से चर्चा की। उनकी मांग थी कि केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर के उन राज्यों में जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है या सहयोगी दल सत्ता में हैं, वहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR को तुरंत वापस लिया जाए। सरकार ने इस मांग पर भी अपनी सहमति प्रदान की है। सौरव दास के अनुसार, दिल्ली में लगभग 15 से 20 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिन्हें हटाने का आश्वासन मिला है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर इन मुकदमों की प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, भविष्य में भी किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने की लिखित गारंटी के लिए एक ड्राफ्ट साझा किया गया है, जिस पर सरकार ने मंगलवार तक जवाब देने का वादा किया है।

मुआवजे पर बनी सहमति

तीसरी और अंतिम मांग उन छात्रों के परिवारों से जुड़ी थी जिन्होंने NEET परीक्षा आयोजित न होने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इस संवेदनशील मुद्दे पर आशुतोष रंका ने बताया कि सरकार इस पर भी राजी हो गई है। प्रभावित परिवारों को मौजूदा सरकारी नियमों और कानूनी प्रावधानों के दायरे में रहते हुए 1 करोड़ रुपये का सम्मानजनक मुआवजा प्रदान किया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को छात्रों के हक की एक बड़ी उपलब्धि बताया है और फिलहाल के लिए अपने विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने का निर्णय लिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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