मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
समाजसेवा में समर्पित जीवन
मध्य प्रदेश के Khandwa से एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। Anita Singh Chauhan बीते करीब 35 साल से समाज के जरूरतमंद वर्गों की सेवा में जुटी हैं। उन्होंने न केवल महिलाओं को सहारा दिया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए हैं। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने अपनी मां से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए साल 1993 से इस नेक काम की शुरुआत की थी।
Mahashakti Sadan और संस्था का योगदान
Anita Singh Chauhan ने साल 2003 में SEED संस्था की नींव रखी और Mahashakti Sadan नाम से एक आश्रम की शुरुआत की। पिछले करीब 15 साल से वे यहां घरेलू हिंसा से पीड़ित और निराश्रित महिलाओं को सुरक्षित ठिकाना मुहैया करा रही हैं। उनके इस केंद्र की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- महिलाओं को रहने की सुरक्षित व्यवस्था।
- आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार का प्रशिक्षण।
- मानसिक और भावनात्मक मजबूती के लिए काउंसलिंग।
- बढ़ते खतरों को देखते हुए आत्मरक्षा (self-defense) की ट्रेनिंग।
उनकी संस्था की मदद से अब तक लगभग 450 महिलाओं को उनके परिवारों से दोबारा मिलवाया जा चुका है।
विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन
Khandwa की सड़कों पर भटकने वाली मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के लिए Anita Singh Chauhan ने एक विशेष अभियान चलाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 12 से 15 महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाकर उनका उपचार कराया गया। इनमें से 6 महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी हैं।
प्रेरणा और संघर्ष
Anita Singh Chauhan का कहना है कि भोपाल में एक बच्ची के साथ हुई घटना ने उन्हें विचलित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाया और रैलियों के जरिए आवाज उठाई। हालांकि साल 2022 में उनके पति का निधन हो गया, लेकिन उन्होंने अपने सेवा कार्यों को नहीं रोका। अपनी मां के पदचिह्नों पर चलते हुए, जिन्हें खुद राष्ट्रपति सम्मान मिल चुका है, वे आज भी जरूरतमंदों की मदद के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं।
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