केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस की दस्तक, 43 वर्षीय व्यक्ति संक्रमित; 15 हाई-रिस्क लोग क्वारंटीन में भारत 2 घंटे पहले 3
केरल के कोझिकोड जिले में एक 43 वर्षीय व्यक्ति में निपाह संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। संपर्क में आए 77 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से 15 को क्वारंटीन में रखा गया है।

केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के एक ताज़ा मामले की पुष्टि होने के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना हो गया है। रामनाट्टुकारा के रहने वाले 43 वर्षीय एक व्यक्ति में निपाह संक्रमण पाया गया है, जिसके चलते गुरुवार से ही इस इलाके में एहतियाती कदम लागू कर दिए गए हैं। कोझिकोड की जिला कलेक्टर एम. एस. माधवीकुट्टी के अनुसार, संक्रमित मरीज को फिलहाल कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा है।

संपर्क में आए 77 लोगों की पहचान

प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए मरीज के संपर्क में आ चुके 77 लोगों को चिह्नित कर लिया है। कलेक्टर ने बताया कि इस सूची में 58 हेल्थकेयर वर्कर, परिवार के 14 सदस्य तथा 5 दोस्त और सहकर्मी शामिल हैं।

जोखिम के स्तर के मुताबिक एहतियात

राहत की बात यह रही कि अब तक संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में बीमारी का कोई लक्षण सामने नहीं आया है। इन 77 लोगों में से 2 को सबसे अधिक जोखिम वाली श्रेणी, 13 को अधिक जोखिम वाली श्रेणी और 62 को कम जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया है। उच्चतम और उच्च जोखिम वाली श्रेणियों में आने वाले सभी 15 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। साथ ही, संक्रमण के फैलाव का दायरा समझने के लिए मरीज का रूट मैप भी तैयार कर लिया गया है।

कलेक्टर ने कहा, "जमीनी स्तर पर कंटेनमेंट और निगरानी से जुड़ी गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। तैयारियों के तहत बुधवार और गुरुवार को रामनाट्टुकारा नगरपालिका में रैपिड रिस्पॉन्स टीम की बैठकें आयोजित की गईं।" उन्होंने आगे बताया कि पीपीई किट, दस्ताने और मास्क जैसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट उपलब्ध करा दिए गए हैं और एहतियातन दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के इंतज़ाम भी किए गए हैं।

लोगों को बीमारी की जानकारी देने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए जिला मेडिकल ऑफिस में एक कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है। इस कंट्रोल रूम से संपर्क के लिए 0495-2373901 और 9072007767 नंबर जारी किए गए हैं।

कैसे हुआ संक्रमण, स्वास्थ्य मंत्री ने ली बैठक

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने तिरुवनंतपुरम में हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने बताया कि मरीज कई लोगों के संपर्क में आया था। वह अस्पताल के ओपीडी विभाग में भी गया था और वहां उसके एमआरआई तथा इकोकार्डियोग्राफी टेस्ट भी कराए गए थे। इससे जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को क्वारंटीन में रहने को कहा गया है।

संक्रमण की वजह को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मरीज ने हाल ही में एक गोदाम किराए पर लिया था और उसकी सफाई खुद ही की थी। हमें आशंका है कि इसी दौरान वह वायरस की चपेट में आया होगा।"

क्या है निपाह वायरस

केरल स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अनुसार, निपाह एक ज़ूनोटिक (Zoonotic) वायरस है, जो जानवरों से इंसानों तक पहुंचता है। फ्रूट बैट्स यानी चमगादड़ (फ्लाइंग फॉक्स) इसके प्रमुख वाहक माने जाते हैं। यह सूअरों और इंसानों, दोनों को बीमार कर सकता है। इस वायरस की वजह से मस्तिष्क में सूजन हो सकती है, जिसका असर हल्की बीमारी से लेकर गंभीर हालत या मौत तक हो सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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