राष्ट्रीय राजनीति
6 घंटे पहले
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जम्मू-कश्मीर की सड़क कनेक्टिविटी को एक नई पहचान देने के लिए कटरा-श्रीनगर चार लेन हाईवे तैयार हो रहा है। यह परियोजना यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सहज बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। हाईवे के बन जाने के बाद कटरा से श्रीनगर के बीच लगने वाले समय में बड़ी कमी आएगी, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खासी राहत मिलने की उम्मीद है।
कहां से कहां तक जाएगा नया कॉरिडोर
यह नया मार्ग कटरा से शुरू होकर रियासी, माहौर, गुलाबगढ़ और नंदीमर्ग से गुजरते हुए दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले तक पहुंचेगा, जहां इसका जुड़ाव नेशनल हाईवे-44 (NH-44) से होगा। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर पड़ने वाले दबाव को कम करना और घाटी को हर मौसम में सुगम (ऑल-वेदर) तथा सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
दूरस्थ इलाकों के विकास को मिलेगी गति
कटरा-श्रीनगर हाई-स्पीड कॉरिडोर से दूर-दराज के क्षेत्रों का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच पहले से कहीं आसान हो जाएगी। यह परियोजना आधुनिक सुरंगों, पुलों और अत्याधुनिक सड़क ढांचे से सुसज्जित होगी। कठिन पहाड़ी इलाकों में भी पूरे साल आवाजाही को सुगम बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।
व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल
चार लेन के इस हाईवे से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। कृषि, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की आवाजाही भी अब कहीं अधिक सरल हो जाएगी। कटरा-श्रीनगर हाईवे को जम्मू-कश्मीर के विकास की रीढ़ के रूप में देखा जा रहा है, जो इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूती से जोड़ने का काम करेगा।
इंजीनियरिंग का कमाल, मौसम भी नहीं रोकेगा रफ्तार
इस चार लेन हाईवे में कई अत्याधुनिक सुरंगें और इंजीनियरिंग के बेहतरीन नमूने शामिल किए गए हैं। इससे भूस्खलन, बर्फबारी और खराब मौसम के दौरान भी यातायात बाधित होने की आशंका काफी हद तक घट जाएगी।
सामरिक लिहाज से भी बेहद अहम
कटरा-श्रीनगर हाईवे रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से सुरक्षा बलों और जरूरी आपूर्ति की आवाजाही तेज होगी, जिससे जम्मू-कश्मीर में लॉजिस्टिक और रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।
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