क्राइम
2 घंटे पहले
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गुलबर्गा में रूह कंपा देने वाली वारदात
कर्नाटक के गुलबर्गा जिले से एक बेहद भयावह और दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पारिवारिक कलह के चलते एक व्यक्ति ने अपनी ही ससुराल में खौफनाक कदम उठाते हुए आत्मघाती विस्फोट कर दिया। इस धमाके में न केवल आरोपी की अपनी जान गई, बल्कि उसकी 15 वर्षीय मासूम बेटी भी मौत के मुंह में समा गई। घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस क्रूरता को लेकर हैरान है।
घटना का विवरण और समय
यह दुखद हादसा गुलबर्गा जिले के अलंद तालुका स्थित मटकी टांडा गांव में मंगलवार की सुबह घटित हुआ। 49 वर्षीय शिवलाल राठौड़ नाम का एक व्यक्ति अपनी ससुराल पहुंचा था। शिवलाल महाराष्ट्र के पुणे में स्थित एक पत्थर खदान में मजदूरी का काम करता था। आरोप है कि उसने अपनी कमर पर औद्योगिक स्तर के विस्फोटक यानी जिलेटिन स्टिक्स की बेल्ट बांध रखी थी। ससुराल पहुंचते ही उसने पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ तीखी बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते उसने खुद को और आसपास मौजूद लोगों को उड़ाने की साजिश को अंजाम दे दिया।
विवाद का कारण और पृष्ठभूमि
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी शिवलाल राठौड़ का अपनी पत्नी सविता के साथ काफी समय से अनबन चल रही थी। आए दिन होने वाले पारिवारिक झगड़ों से तंग आकर सविता अपने मायके यानी मटकी टांडा गांव आ गई थी। उसके साथ उनकी 15 वर्षीय बेटी वीरा और 19 वर्षीय बेटा प्रकाश भी थे। काफी समय से चले आ रहे इस विवाद का समाधान न निकल पाना शिवलाल के लिए बर्दाश्त से बाहर हो गया और उसने इस खौफनाक वारदात की योजना तैयार कर ली।
कमरा बंद कर दिया बटन
मंगलवार की सुबह जब शिवलाल ससुराल पहुंचा, तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि शिवलाल ने आपा खो दिया और ससुराल के एक कमरे के अंदर जाकर दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। उस समय कमरे के अंदर उसकी पत्नी, बच्चे और घर के अन्य सदस्य मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शिवलाल ने कमर पर जिलेटिन स्टिक्स बांध रखी थीं। कमरे के अंदर उसने विस्फोट का बटन दबाया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और कमरे के परखच्चे उड़ गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा गांव थर्रा उठा।
मृतकों और घायलों की स्थिति
इस भीषण आत्मघाती हमले में शिवलाल के शरीर के चिथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्भाग्य की बात यह है कि उसके पास बैठी उसकी 15 साल की बेटी वीरा भी इस विस्फोट की चपेट में आ गई और उसने भी दम तोड़ दिया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि परिवार के पांच अन्य सदस्य भी बुरी तरह घायल हो गए। घायलों में शिवलाल की पत्नी सविता, 19 वर्षीय बेटा प्रकाश, 30 वर्षीय सुरेखा चव्हाण, 12 वर्षीय विवेक चव्हाण और नितेश नाम का एक रिश्तेदार शामिल है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
पुणे खदान से विस्फोटक का कनेक्शन
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि औद्योगिक उपयोग में आने वाले विस्फोटक और जिलेटिन स्टिक्स तक शिवलाल की पहुंच कैसे हुई। चूंकि शिवलाल पुणे की एक पत्थर खदान में काम करता था, इसलिए वह विस्फोटक सामग्री और डिटोनेटर के उपयोग में माहिर था। पुलिस को संदेह है कि वह काम करने वाली जगह से ही चोरी छिपे विस्फोटक सामग्री लेकर पुणे से गुलबर्गा आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि खदानों से इस तरह के खतरनाक विस्फोटक का अवैध परिवहन कैसे संभव हुआ और क्या वहां सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई थी। यह मामला अब पारिवारिक विवाद से बढ़कर एक गंभीर आपराधिक मामले में बदल चुका है जिसमें औद्योगिक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी सामने आया है।
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