कर्नाटक की गारंटी योजनाओं का लाभ पाने के लिए वोटर आईडी जरूरी, सीएम डीके शिवकुमार ने दिया स्पष्ट संकेत भारत 2 महीने पहले 68
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य की कल्याणकारी गारंटी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास वैध वोटर आईडी कार्ड है। उन्होंने राज्य में शुरू हुई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया के दौरान नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

वोटर आईडी कार्ड और सरकारी योजनाओं का सीधा संबंध

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही गारंटी योजनाओं का लाभ पाने के लिए नागरिकों के पास वोटर आईडी कार्ड होना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति सरकारी लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए मतदान का अधिकार बनाए रखना आवश्यक है। राज्य में मंगलवार से स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR की प्रक्रिया का आगाज हो गया है और इस दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुद अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने नागरिकों को आगाह किया कि यदि वे अपनी मतदान सूची में नाम नहीं रखते हैं, तो भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कांग्रेस पार्टी पहले चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल उठाती रही है।

SIR प्रक्रिया में भागीदारी पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वैध मतदाताओं तक सीमित रखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों की तर्ज पर ही कर्नाटक में भी उन लोगों के नाम स्कीम की सूची से हटाए जा सकते हैं जिनके पास मताधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारी गारंटी योजनाओं का पूरा लाभ राज्य के वास्तविक मतदाताओं को ही मिले। दूसरे राज्यों के निवासियों को ये सुविधाएं क्यों दी जाएं, इस पर उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि इन योजनाओं का दायरा केवल अपने राज्य के लोगों तक सीमित रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे SIR प्रक्रिया में पूरी सक्रियता के साथ भाग लें और अपने वोटिंग अधिकार को सुरक्षित रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे वास्तविक मतदाताओं की मदद के लिए हर संभव तैयार है जिन्हें अपनी जानकारी अपडेट करने या आवश्यक दस्तावेज जुटाने में सहायता की जरूरत है।

क्या है कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाएं

कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से पांच प्रमुख वादे किए थे, जिन्हें गारंटी स्कीम का नाम दिया गया है। इन योजनाओं के दायरे में निम्नलिखित लाभ शामिल हैं:

  • गृह ज्योति योजना के तहत सभी घरों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।
  • गृह लक्ष्मी योजना के माध्यम से हर परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
  • अन्न भाग्य योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे यानी बीपीएल श्रेणी के परिवारों के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम मुफ्त चावल दिया जाता है।
  • युवा निधि योजना के तहत बेरोजगार स्नातक युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये और डिप्लोमा धारक बेरोजगार युवाओं (18 से 25 आयु वर्ग) को दो साल तक के लिए 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जाती है।
  • शक्ति योजना के तहत राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध है।

BLO की घर-घर दस्तक और पहले दिन के आंकड़े

कर्नाटक में SIR मुहिम के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी BLO ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। अभियान के पहले दिन का ब्यौरा देते हुए बताया गया कि वोटर्स को कुल 12,48,314 एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए, जो कुल संख्या का 2.5 प्रतिशत है। इनमें से 47,817 फॉर्म को डिजिटल रूप दिया गया है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी CEO के कार्यालय के अनुसार, 6,840 फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए, जबकि 488 फॉर्म को एएसडीडीओ यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट के तौर पर चिह्नित किया गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन 116 फॉर्म को स्थायी रूप से स्थानांतरित, 291 को मृत और 77 को पहले से पंजीकृत वोटर के रूप में दर्ज किया गया। इसके अलावा, दो फॉर्म ऐसे रहे जो या तो अपठनीय थे या उन्हें जमा नहीं किया जा सका। यह प्रक्रिया राज्य की प्रमुख हस्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों के घरों से शुरू हुई है और अगले एक महीने तक जारी रहेगी।

SIR अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां

राज्य में मतदाता सूची के सुधार और सत्यापन के लिए निर्धारित समय सारिणी इस प्रकार है:

  • 16 जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में कुल 5,54,32,314 मतदाता हैं।
  • घर-घर जाकर एन्यूमरेशन करने की अवधि 30 जून से 29 जुलाई तक तय की गई है।
  • फॉर्म के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू होकर 29 अगस्त तक चलेगी।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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