राजस्थान सरकार की बड़ी पहल: दिव्यांगों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, जानें पात्रता और आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया राजस्थान 2 महीने पहले 63
राजस्थान सरकार ने चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांगजनों के लिए 'मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना-2026' शुरू की है, जिसके तहत योग्य उम्मीदवार 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

राजस्थान में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना-2026 की शुरुआत की गई है, जिसके तहत चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांगजनों को बिल्कुल मुफ्त में स्कूटी बांटी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इस कल्याणकारी योजना के तहत पात्र उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।

आवेदन करने की आखिरी तारीख और जरूरी शर्तें

इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्य उम्मीदवारों को समय रहते ऑनलाइन आवेदन करना होगा। विभाग ने ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की है। योजना के नियमों के अनुसार, केवल वही दिव्यांगजन इसके लिए पात्र माने जाएंगे जिनके पास न्यूनतम 40 प्रतिशत या उससे अधिक की चलन संबंधी दिव्यांगता का प्रामाणिक यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध होगा।

किसे मिलेगा लाभ और कैसे करें आवेदन?

इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग छात्र-छात्राओं और विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी कर रहे युवाओं को सशक्त बनाना है। मुफ्त स्कूटी मिलने से वे अपनी पढ़ाई, रोजगार और अन्य जरूरी दैनिक कार्यों के लिए आसानी से आ-जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से दिव्यांगजनों का हौसला बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने निम्नलिखित प्रक्रिया और नियमों को स्पष्ट किया है:

  • इस योजना के तहत आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिसे केवल एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है।
  • सभी आवेदकों को अपने सभी आवश्यक और सही दस्तावेजों को पोर्टल पर सही तरीके से डिजिटल प्रारूप में अपलोड करना होगा।
  • अधूरे या गलत दस्तावेजों के साथ किए गए आवेदनों को निरस्त किया जा सकता है, इसलिए विभाग ने सभी से समय रहते और सावधानीपूर्वक आवेदन करने की अपील की है।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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