मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकला पशुपालक, करौली में मगरमच्छ के साथ 15 मिनट तक लड़ी जिंदगी की जंग राजस्थान 2 महीने पहले 76
राजस्थान के करौली में एक पशुपालक ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस से मौत को मात दे दी। मगरमच्छ के हमले के बाद उसने हिम्मत नहीं हारी और करीब 15 मिनट तक चले इस संघर्ष में अपनी जान बचा ली।

करौली में खौफनाक हादसा, सूझबूझ से बची जान

राजस्थान के करौली जिले से साहस और सूझबूझ की एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पशुपालक पर पानी के भीतर घात लगाकर बैठे एक विशालकाय मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। मौत को बिल्कुल अपने करीब देखकर भी इस शख्स ने हौसला नहीं खोया और अपनी सूझबूझ के बल पर सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहा। इस साहसी घटना की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।

15 मिनट तक चला जिंदगी और मौत का खूनी संघर्ष

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जब मगरमच्छ ने पशुपालक को दबोचा, तो उसने घबराने के बजाय पूरी ताकत से उसका डटकर मुकाबला किया। दोनों के बीच पानी के किनारे करीब 15 मिनट तक भयानक संघर्ष चला। इस दौरान जब पशुपालक को अपनी जान पर बन आती दिखी, तो उसने सूझबूझ दिखाते हुए मगरमच्छ की आंख पर सीधा और जोरदार प्रहार कर दिया। आंख पर अचानक हुए इस हमले से शिकारी की पकड़ तुरंत ढीली हो गई, जिसका फायदा उठाकर पशुपालक फौरन वहां से सुरक्षित भाग निकला।

विशेषज्ञों ने भी सराहा सूझबूझ भरा कदम

इस खतरनाक हमले में घायल होने के बाद पीड़ित पशुपालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। इस घटना को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मगरमच्छ की आंखें उसके शरीर का सबसे नाजुक और बेहद संवेदनशील हिस्सा होती हैं। आत्मरक्षा की स्थिति में अगर कोई वहां प्रहार करता है, तो मगरमच्छ जैसा शक्तिशाली और आक्रामक जीव भी अपनी पकड़ ढीली करने पर मजबूर हो जाता है। इस बहादुर पशुपालक की सूझबूझ ने वाकई उसकी जिंदगी बचा ली।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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